गांव ब्राहमणवाला में खेतों में जल रही पराली से उठाता धुआं।
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फतेहाबाद। जिले में किसान लगातार पराली जला रहे हैं, जिससे एक्यूआई काफी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। शनिवार रात को तो एक्यूआई का स्तर 420 तक पहुंच गया, वहीं दिन में भी एक्यूआई का स्तर 350 आंका गया। रविवार को हरसैक ने कृषि विभाग को 35 जगहों पर फायर लोकेशन भेजी है। वहीं कृषि विभाग को अन्य स्रोतों से चार स्थानों पर पराली जलने की सूचना मिली।
फतेहाबाद में प्रशासन के लाख प्रयासों के बावजूद किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। जुर्मानों की परवाह न करते हुए किसान लगातार अपने खेतों में पराली को आग लगा रहे हैं, जिस कारण जिले का वातावरण जहरीला होता जा रहा है। वहीं जिले के साथ लगते पंजाब क्षेत्र में किसानों द्वारा पराली जलाने के कारण भी जिले का प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात यह हैं कि शाम ढलते ही आसमान में धुआं ही धुआं दिखाई देने लगता है और लोगों को आंखों में जलन महसूस हो रही है। एक्यूआई का स्तर शनिवार रात को 420 तक पहुंच गया, वहीं रविवार दिन में एक्यूआई 350 पर रहा। जिस कारण दमा व हृदय रोगियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हरसेक ने भेजी 35 फायर लोकेशन
रविवार को हरसेक ने कृषि विभाग को 35 स्थानों की फायर लोकेशन भेजी है। वहीं कृषि विभाग को अन्य स्रोतों के माध्यम से चार अन्य लोकेशन मिली। अब तक जिले में 337 स्थानों पर पराली को आग लगाई जा चुकी है और कृषि विभाग 100 किसानों को दो लाख 52 हजार 500 रुपये का जुर्माना कर चुका है।
कोट
कृषि विभाग लगातार किसानों को पराली प्रबंधन के लिए जागरूक कर रहा है। कुछ किसान अभी भी पराली को आग लगा रहे हैं, जिनको जुर्माना किया जा रहा है। मौके पर जाकर पराली में लगी आग को भी बुझाया जा रहा है। निगरानी कमेटियां गांवों पर नजर रखे हुए हैं।
-डॉ. राजेश सिहाग, कृषि उपनिदेशक, फतेहाबाद।