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Fatehabad News: सब्जी मंडी में आढ़तियों की हड़ताल, 50 लाख की सब्जी की खरीद रही प्रभावित

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फतेहाबाद/रतिया। सरकार द्वारा सब्जी मंडियों के आढ़तियों पर साल में एकमुश्त टैक्स भरने के विरोध में सब्जी मंडी के आढ़तियों ने शनिवार को हड़ताल की। सब्जी मंडी में शनिवार को करीब 50 लाख की सब्जियां व फल आए, जिनकी खरीद नहीं हो पाई। हड़ताल के चलते सब्जी मंडी की सभी दुकानें बंद रहीं।
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सब्जी मंडी के व्यापारी मोहरी राम ने बताया कि सरकार ने कोरोना काल में सब्जी मंडी के आढ़तियों पर 1 फीसदी एचआरडीएफ व 1 फीसदी मार्केट फीस बढ़ाई थी। कोरोना काल के कारण पहले ही सब्जी मंडी के आढ़ती उबरे नहीं थे, अब सरकार ने नया फरमान जारी कर दिया है कि मंडी के आढ़तियाें ने वर्ष 2022-23 में जितना टैक्स भरा है। उस टैक्स को 2024-25 के लिए एडवांस में 25 फीसदी राशि और जोड़कर उसे एडवांस में जमा करवाएं। उन्होंने बताया कि सरकार ने यह भी कहा कि अगले वित्त वर्ष से सब्जी मंडी व्यापारी इस टैक्स में 10 फीसदी बढ़ोतरी भी करें। जबकि सब्जी मंडी के व्यापारी चाहते हैं कि सरकार पहले की भांति ही टैक्स रखे। उन्होंने बताया कि पहले की सरकारों में सब्जी मंडियों के आढ़तियों पर कोई टैक्स नहीं लगाया जाता था। कोरोना काल को देखते हुए सरकार ने आग्रह किया था कि मौजूदा हालातों को देखते हुए सब्जी मंडी व्यापारी भी टैक्स भरना शुरू करें। सब्जी मंडी के आढ़तियों ने महज कोरोना काल को लेकर ही टैक्स भरने की सहमति दी थी, लेकिन अब उन पर लगातार टैक्स पर टैक्स और नए-नए नियम लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने एक मुश्त किश्त नियम को वापिस नहीं लिया तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर सरकार द्वारा प्रदेश की सब्जी मंडियों पर एक मुश्त टैक्स लगाने के खिलाफ प्रदेश के सब्जी मंडी के व्यापारियों के आह्वान पर शनिवार को शहर की सब्जी मंडी में व्यापारियों ने प्रदेश सरकार के निर्णय के विरोध स्वरूप सब्जी मंडी में अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान करते हुए सब्जी मंडी बंद रखी। हरियाणा सब्जी मंडी एसोसिएशन के उपप्रधान नरेश कक्कड़, संजय बत्रा, बलराज मोंगा, हरिचंद शाक्य, अंशुल बत्रा ने कहा कि सरकार बेवजह सब्जी एवं फल व्यापारियों को परेशान करने पर तुली हुई है। एक मुश्त टैक्स की स्कीम से व्यापारियों को बहुत नुक्सान उठाना पड़ेगा। सरकार का टैक्स स्लैब सिस्टम व्यापारियों के हित में नहीं है।
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