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कर्मचारियों और पुलिस की झड़प के बीच हड़ताल का आंशिक असर

Fri, 02 Sep 2016 11:40 PM IST
fatehabad
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बस स्टैंड में जबरन घुसने का प्रयास करते कर्मचारियों को रोकते पुलिस के जवान। - फोटो : amar ujala
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शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का फतेहाबाद में आंशिक असर ही देखने को मिला। कर्मचारियों की भागीदारी के लिहाज से ये हड़ताल सफल मानी जा सकती है क्योंकि इस हड़ताल में जिले भर के अनेक विभागों के कर्मचारी शामिल रहेे। लेकिन पिछली बार की तरह इस रोडवेज का संपूर्ण चक्का जाम ना होने के चलते हड़ताल आम जनजीवन पर उतना व्यापक असर नहीं दिखा सकी, जितना पहले दिखता है। इस बार बिजली और पानी की निर्बाध सप्लाई से भी लोगों पर हड़ताल का कुछ खास असर नहीं पड़ा। दूसरी ओर बैंक कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने से तकरीबन 200 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ।  हालांकि शुक्रवार अलसुबह चार बजे बस अड्डे पर धरना देने के सवाल पर डीएसपी गुरदयाल और रोडवेज नेता सरबत सिंह पूनियां के बीच गर्मागर्म बहस हुई जिसके बाद पुलिस ने हड़ताल से जुड़े तकरीबन 20 कर्मचारी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें पुलिस बस में डालकर पुलिस लाइन में रखा गया। कर्मचारी नेताओं की गिरफ्तारी के चलते बस अड्डे पर बसों को रोकने वाला कोई नहीं बचा जिसके चलते रोडवेज प्रशासन तकरीबन 50 बसों को निकालने में सफल हो गया। शाम छह बजे रोडवेज हड़ताल खत्म कर दी गई।
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डीएसपी पर मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप, गिरफ्तारी के बाद पुलिस लाइन में शुरू की भूखहड़ताल
अलसुबह चार बजे तकरीबन 20 से 25 कर्मचारी नेताओं ने बस स्टैंड के बाहर ही धरना शुरु कर दिया जिसपर रोडवेज जीएम धनराज कुंडू ने उन्हें कोर्ट का आदेश दिखाया जिसमें बस स्टैंड परिसर के 100 गज के दायरे में वो धरना नहीं दे सकते, इस पर भी कर्मचारियों ने हटने से शुरु कर दिया। इस दौरान मौके पर पहुंचे डीएसपी गुरदयाल से कर्मचारी नेताओं की गर्मागर्म बहसबाजी हो गई। कर्मचारी नेताओं ने तो यहां तक आरोप लगाए हैं कि डीएसपी ने उन्हें कार्यालय में बुलाकर उनके साथ दुव्र्यवहार किया और उनके साथ मारपीट भी की गई। इसके बाद सभी कर्मचारी नेताओं को पुलिस बस में डालकर पुलिस लाइन ले जाया गया। पीछे से रोडवेज अधिकारियों ने तकरीबन 50 के करीब बसों को निकाल दिया। सुबह 11 बजे तक रोडवेज बसें निर्बाध रूप से चलती रही। इसके बाद मार्केट कमेटी शेड के नीचे धरना दे रहे कर्मचारी बस स्टैंड आ धमके और जबरदस्ती बसें रुकवा दी। दूसरी ओर हिरासत में लिए गए कर्मचारी नेताओं ने पुलिस लाइन में ही भूख हड़ताल शुरू कर दी। इसकी भनक लगते ही पुलिस कप्तान ओपी नरवाल खुद पुलिस लाइन पहुंचे और कर्मचारियों से बात की। इसके बाद सभी गिरफ्तार कर्मचारी नेताओं को पुलिस वैन में ही वापिस बस स्टैंड पर छोड़ दिया गया जहां उन्होंने बाकी कर्मचारियों के साथ मिलकर धरना दिया। जिन कर्मचारी नेताओं को हिरासत में लिया गया उनमें सरबत सिंह पूनियां, बेगराज, भूप सिंह भड़ोलावाली, अशोक कुमार, सूरजभान चोपड़ा, रामदिया, शिवकुमार, महेंद्र, कृष्ण, रामसिंह, संजय, बलवान, सुनील, सूरजभान, विजेंद्र, सुरजीत, सुमेर, सुभाष और भागीरथ आदि शामिल थे। कर्मचारी नेता सूरजभान चोपड़ा ने बताया कि पुलिस के बुरे बर्ताव के खिलाफ शनिवार को प्रदर्शन किया जाएगा।

सबसे अधिक बिजली तो सबसे कम लोकनिर्माण विभाग के कर्मचारी रहे हड़ताल पर
शुक्रवार को पांच यूनियनों की हड़ताल में बिजली महकमे के सबसे अधिक कर्मचारियों ने हिस्सा लिया तो लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी हड़ताल से दूर ही रहे। इस विभाग से सबसे कम कर्मचारियों ने हउ़ताल में हिस्सा लिया। मिली जानकारी के अनुसार बिजली निगम के 88 प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल पर थे। विभाग के 429 पक्के कर्मचारियों में से 392 और 262 अनुबंधित कर्मचारियों में से 220 हड़ताल में शामिल हुए। नगर परिषद के 230 कर्मचारियों में से तकरीबन 180 कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने की सूचना है। वन विभाग के 81 फीसदी, जनस्वास्थ्य विभाग के 51 से 53 फीसदी, लोक निर्माण विभाग के महज 15 फीसदी कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। लघु सचिवालय के डेढ़ सौ कर्मचारियों में से तकरीबन 110 कर्मचारी हड़ताल पर तो रहे लेकिन दोपहर बाद अधिकतर अपनी सीटों पर दिखे।
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पटवारी और कानूनगो हड़ताल में रहे शामिल, दिया धरना
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर दि रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन फतेहाबाद ने आज हड़ताल में भाग लिया और पटवार भवन में प्रधान पृथ्वी सिंह काकड़ की अध्यक्षता में धरना दिया।

स्वास्थ्य कर्मचारी भी रहे हड़ताल पर, कामकाज ठप
ट्रेड यूनियनों व अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर आज हुई राष्ट्रव्यापी हड़ताल स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन के बैनर तले भाग लिया। हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं ठप्प रही। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सामान्य अस्पताल में धरना दिया जिसकी अध्यक्षता जिला प्रधान पवन ताखर ने की व संचालन सचिव सुरेन्द्र कुमार ने किया। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

टोहाना में सरकार के खिलाफ मांगो को लेकर की नारेबाजी।
टोहाना। कर्मचारियों की तालमेल कमेटी के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल का टोहाना में मिलाजुला असर देखने को मिला। जहां रोडवेज विभाग में इक्का-दुक्का बसें ही रोड पर दिखीं वहीं कुछ विभागों में कुर्सियों पर बैठे कर्मचारियों के चलते काम सुचारु रूप से चलता रहा। सुबह एक-दो रोडवेज की बसें बस स्टैंड से निकली उसके बाद जो भी बस स्टैंड में पहुंची उसे वर्कशाप में खड़ा कर दिया गया। निजी बसें लगातार चलती रही। छोटे रूट के यात्रियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं रही, लेकिन लंबी दूरी के यात्रियों को या तो अपने घरों को लौटना पड़ा या फिर अन्य वाहनों द्वारा जाते देखा गया। शहर के विभिन्न बैंकों, नगर परिषद, जनस्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग के अधिकतर कर्मचारी हड़ताल पर होने से कार्यालयों में काम काफी धीमी गति से चलता देखा गया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस द्वारा पुख्ता प्रबंध किए गए थे। कर्मचारी रतिया रोड, वाल्मीकि चौक, डांगरा रोड के रास्ते एसडीएम कार्यालय में पहुंचे। जहां अपनी मांगो को लेकर लगभग 2 बजे नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।

रतिया में भी राष्ट्रव्यापी हड़ताल का रहा मिलाजुला असर
रतिया। यूनियनों के आह्वान पर शुक्रवार को की जा रही राष्ट्रव्यापी हड़ताल में रतिया के कई विभागों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हालांकि इससे जनजीवन प्रभावित नहीं हुआ, फिर भी सरकारी विभागों में छुट्टी जैसा माहौल रहा। पुलिस ने हड़ताल के मद्देनजर शुक्रवार तड़के 4 बजे ही बागडोर संभाल ली थी और चौकी इंचार्ज ओमप्रकाश के नेतृत्व में नए व पुराने बस स्टैंड पर पहुंच गई व अपनी मौजूदगी में ही अलसुबह दिल्ली और चंडीगढ़ जाने वाली हरियाणा रोडवेज की बसों को रवाना किया। बिजली कर्मचारी, अध्यापक, सफाई कर्मचारी, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्करों सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने हड़ताल में अपनी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। जहां नगरपालिका कर्मचारी नपा के मुख्य गेट के आगे धरना देकर बैठे रहे, वहीं बिजली विभाग के कर्मचारी बिजली निगम के कार्यालय के सामने हड़ताल पर बैठे रहे। हालांकि रोडवेज के कुड कर्मचारी हड़ताल पर थे, लेकिन बावजूद इसके रोडवेज की सेवा चलती रही। कर्मचारियों को संबोधित करते जिप पार्षद का. रामचंद्र सहनाल ने कहा क  िभाजपा की केंद्र व प्रदेश की सरकार पूरी तरह से कर्मचारी विरोधी है।

भूना में स्कूल गेट पर ताला लगाकर हड़ताल में शामिल हुए अध्यापक
राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शुक्रवार को भूना में मिलाजुला असर रहा। कई बैंक व विभाग पूर्णतया रूप से बंद रहे। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के अध्यापकों ने स्कूल गेट पर ताला लगाकर हड़ताल में बढ़-चढ़कर भाग लिया। भवन एवं अन्य निर्माण कामगार यूनियन  के सैकड़ों कर्मचारियों ने शहर में रोष प्रदर्शन जलूस निकाला तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बिजली बोर्ड व कई अध्यापकों ने भी हड़ताल का खुलकर समर्थन किया। मनरेगा मजदूरों ने भी राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन किया।

भट्टू में रहा मिला जुला असर
सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का भट्टूकलां में मिलाजुला असर रहा। अधिकतर सरकारी विभागों में रोजमर्रा की तरह काम चलते रहे। इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण यातायात व्यवस्था काफी हद तक प्रभावित रही। सर्व कर्मचारी संघ के खंड प्रधान हरपाल हुड्डा व अध्यापक संघ केा खंड प्रधान देसराज माचरा ने कहा कि इस हड़ताल में बिजली विभाग से 56, जन स्वास्थ्य विभाग से 10, स्वास्थ्य विभाग के 120, अध्यापक 132, मिड-डे मिल 80 व नॉन टीचिंग के 10 कर्मचारी हड़ताल पर रहने का दावा किया है।
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