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Fatehabad News: बिना अग्नि फेरे के हिंदू मैरिज एक्ट में किए गए आवेदन सचिव ने किए रद्द

Thu, 13 Feb 2025 10:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के नगर परिषद कार्यालय में विवाह पंजीकरण शाखा
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फतेहाबाद। विवाह पंजीकरण को लेकर नगर परिषद के पास आने वाले ऑनलाइन आवेदनों को लेकर विवाद शुरू हो गया है। सचिव गोबिंद ने एक्ट के तहत आवेदन न करने का हवाला देकर करीब 15 फाइलें रद्द कर दी हैं।
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सचिव के अनुसार कई आवेदन ऐसे हैं जिसमें अग्नि फेरे की जगह गुरुद्वारे में आनंद कारज हुए हैं। सचिव ने ऐसे आवेदन हिंदू एक्ट में मान्य न मानते हुए आवेदन को रद्द कर दिया है। उन्होंने कहा कि दस्तावेज सिख धर्म के अनुसार होने चाहिए। अगर बिना फेरे लिए शादी की है तो स्पेशल मेरिज एक्ट 1954 के तहत आवेदन करना होगा।

वहीं दूसरे आवेदन को इसलिए रद्द कर दिया गया कि उसमें पुजारी नजर नहीं आया है। वहीं सीएससी संचालक नवीन कुमार का कहना है कि विवाह पंजीकरण के लिए मेरिज एक्ट 2008 के तहत हरियाणा में किसी भी धर्म, जाति का व्यक्ति विवाह के लिए पंजीकरण कर सकता है। लेकिन अधिकारी पुराने एक्ट के अनुसार चल रहे हैं और इन्हें उलझाया जा रहा है। यहां तक कहा जा रहा है कि शादी कार्ड में नाम शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के अनुसार होना चाहिए। वे इस बारे में ईओ राजेंद्र सोनी से मिले हैं। जिस पर सोमवार को बैठक बुलाई गई है। इसमें आवेदन को लेकर मुद्दा रखा जाएगा।
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- पिछले पांच सालों में ये हुए है विवाह पंजीकरण

वर्ष पंजीकरण

2020 140

2021 177

2022 215

2023 372

2024 540

- पंजीकरण के लिए ये दस्तावेज हैं जरूरी

- चालान पेमेंट रसीद

- आवेदन पत्र

- शपथ पत्र वर और वधू

- रिहायशी प्रमाण पत्र का साक्ष्य

- संयुक्त शपथ पत्र

- बयान वर और वधू माता-पिता

- गवाह के बयान

- रिहायशी प्रमाण पत्र गवाह

- पार्षद के बयान और प्रूफ

- शादी कार्ड

- शादी की चार फोटो

- हरियाणा अनिवार्य विवाह पंजीकरण अधिनियम 2008 में स्पष्ट है कि हरियाणा में जाति, धर्म और पंथ के भेदभाव के बिना होने वाले विवाहों का पंजीकरण करवाना जरूरी है। लेकिन नगर परिषद के विवाह पंजीकरण अधिकारी ने एक हिन्दू नवविवाहित जोड़े का जिन्होंने अपना विवाह श्रीगुरु ग्रन्थ साहिब की हजूरी में करवाया था, उनके आवेदन को इस आधार पर अस्वीकृत कर दिया है कि हिन्दू रीति रिवाजों अनुसार अग्नि के समक्ष सात फेरे नहीं लिए। हिंदू धर्म की कई शाखाएं व पंथ हैं। परिजन अपने रीति रिवाज से अपनी सुविधा अनुसार अपने विवाह योग्य युवक-युवतियों विवाह करते हैं या करवाते हैं। अग्नि को साक्षी मान कर सात फेरे लेना कोई जरूरी नहीं है। हमारे हिन्दू समाज में लोग अक्सर गुरुद्वारों में, डेरों में, गुरु घरों में या अपने घरों में सादगी से वरमाला डाल कर अपने बच्चों का विवाह करते हैं। इन विवाहों का अब तक नगर परिषद में विवाह पंजीकरण अधिकारी मंजूरी देते आएं है। संबंधित अधिकारियों से अनुरोध है कि व्यवस्था को सरल बनाने में सहयोग करें न कि उलझाया जाए। अगर नियम अनुसार परिजनों से किसी दस्तावेज की जरूरत है तो मांग सकते हैं।

- मोहन लाल नारंग, पार्षद, वार्ड 12

- विवाह प्रमाण पत्र को लेकर जो फाइल आ रही है उसमें कमियां ज्यादा है। इसके चलते उन्हें रद्द किया गया है। सोमवार को सीएससी संचालकों की बैठक बुलाई गई है। बैठक में उन्हें गाइडलाइन के बारे में बताया जाएगा ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़ सके। हिंदू मेरिज एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है, अगर कोई हिंदू बिना फेरे लिए शादी करता है तो उसे स्पेशल मेरिज एक्ट 1954 के तहत आवेदन करना होगा। इसमें आवेदन स्वीकार कर लिया जाएगा।
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- गोबिंद, सचिव, नगर परिषद, फतेहाबाद।
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