फतेहाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में हाइपरटेंशन मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। रोजाना 15 से 20 मरीज हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत लेकर ओपीडी में पहुंच रहे हैं। अस्पताल रिकॉर्ड के अनुसार हर माह करीब चार से पांच नए मरीज हाइपरटेंशन की श्रेणी में शामिल हो रहे हैं। इनमें 15 वर्ष तक की आयु वर्ग के भी रोजाना 5 से 7 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों और युवाओं में बढ़ता स्क्रीन टाइम, मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग, देर रात तक जागना और जंक फूड का सेवन इसके प्रमुख कारण बन रहे हैं। भागदौड़ भरी जिंदगी, बढ़ता मानसिक तनाव, अनियमित खानपान, फास्ट फूड का अधिक सेवन, व्यायाम की कमी और कम नींद जैसी आदतें अब लोगों को कम उम्र में ही हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर का मरीज बना रही हैं। पहले यह बीमारी बढ़ती उम्र के लोगों में अधिक देखी जाती थी, लेकिन अब किशोर और युवा वर्ग भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहा है।
नियमित स्वास्थ्य की जांच जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते जीवनशैली में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले समय में हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी संबंधी बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, संतुलित आहार अपनाने और तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता है।
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भोजन में हरी सब्जियां करें शामिल
डाइटिशियन डॉ. मधुर भाकर ने बताया कि युवा घर के पौष्टिक भोजन की बजाय पिज्जा, बर्गर, पैकेट फूड और अधिक नमक वाले खाद्य पदार्थों का सेवन ज्यादा कर रहे हैं। इससे शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ती है, जो ब्लड प्रेशर को प्रभावित करती है। भोजन में हरी सब्जियां, फल, सलाद, साबुत अनाज और पर्याप्त पानी को शामिल करना जरूरी है। साथ ही तली-भुनी चीजों और कोल्ड ड्रिंक से दूरी बनाए रखनी चाहिए।
रोजाना करें 30 मिनट व्यायाम
योग विशेषज्ञ डॉ. अंबिका पांटा ने बताया कि मानसिक तनाव और शारीरिक निष्क्रियता भी हाइपरटेंशन के बड़े कारण हैं। नियमित योग, प्राणायाम और ध्यान करने से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या तेज चाल से चलना आवश्यक है। पर्याप्त नींद लेना और मोबाइल फोन का सीमित उपयोग भी स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।