फतेहाबाद। बिजली कर्मचारियों की ओर से बरती जा रही लापरवाही उनके जीवन पर भारी पड़ रही है। कारण, बिजली निगम में फील्ड में तैनात सहायक लाइनमैन जेई और अन्य तकनीकी कर्मचारी काम के दौरान सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। फतेहाबाद क्षेत्र में पिछले एक साल में करंट लगने के कारण चार कर्मचारियों की जान जा चुकी है जबकि एक घायल हो चुका है।
जबकि बिजली निगम ने अपने कर्मचारियों को सुरक्षा के लिए हाईटेक सुरक्षा किट उपलब्ध करवाई। बावजूद इसके कर्मचारी इनका प्रयोग नहीं कर रहे हैं। बिजली लाइनों में आई तकनीकी खराबी को ठीक करने के या नए कनेक्शन जोड़ने के दौरान कर्मचारी बिना दस्ताने, हेलमेट, जूते और सुरक्षा बेल्ट के खंभों पर चढ़े नजर आते हैं।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी का नतीजा यह है कि जरा सी चूक या तकनीकी खराबी होने पर कर्मचारियों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश हादसों में कर्मचारी ने कार्य के दौरान निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का पालन नहीं किया था इसलिए उनकी जान चली जाती है या फिर वे गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं।
सेंसर लगी सुरक्षा कीट 6 फीट दूर से ही बजता है अलार्म
निगम ने कर्मचारियों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए आधुनिक सेंसर युक्त सुरक्षा किट उपलब्ध करवाई है। इस किट से यदि कर्मचारी बिजली की चालू लाइन के 6 फीट के दायरे में आता है तो इसमें लगे सेंसर सक्रिय हो जाते हैं और अलार्म बजने लगता है। यह तकनीक कर्मचारी को करंट की चपेट में आने से पहले ही सचेत कर देती है। बावजूद इसके, फील्ड कर्मचारी इन भारी और तकनीकी उपकरणों को साथ ले जाने या पहनने में सुस्ती दिखाते हैं जो खतरनाक सिद्ध होती है।
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यूनियन के अनुसार सभी कर्मचारियों को नहीं मिलती सुरक्षा किट
ऑल हरियाणा पॉवर कॉरपोरेशन बिजली यूनियन जिला सचिव रामनिवास शर्मा का कहना है कि निगम की ओर से दिए गए सुरक्षा उपकरण सभी के लिए पर्याप्त नहीं है। निगम नियमानुसार कर्मचारियों को दो साल में केवल एक बार सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाता है। फील्ड की कठिन परिस्थितियों में काम करने के कारण दस्ताने और अन्य सामान जल्दी घिस जाते हैं। कई कर्मचारियों को सेंसर किट के सही इस्तेमाल का उचित प्रशिक्षण नहीं मिला है। ऐसे में कर्मचारी हादसे क शिकार हो जाता है।
:: बिजली निगम ने सभी कर्मचारियों को उपकरण उपलब्ध करवाए है। सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोई कर्मचारी बिना सुरक्षा किट के काम करता पाया गया तो उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बिजली की लाइन पर काम करना जोखिम भरा है लेकिन सुरक्षा उपकरणों का उपयोग इस जोखिम को न्यूनतम कर सकता है।
- रविंद्र सिटी एसडीओ, बिजली निगम, फतेहाबाद।
शहर में स्थित 11 केवी बिजली उपकेंद्र। संवाद