फतेहाबाद। फतेहाबाद की सड़कों पर पिछले दो महीने से स्ट्रीट लाइट्स बंद पड़ी है लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। इस दो माह के दौरान दिवाली जैसा रोशनी का त्योहार भी निकल गया, लेकिन इसके बावजूद नगर परिषद प्रशासन के पास बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट्स को ठीक करवाने का समय नहीं मिला। हैरानी इस बात को लेकर भी है कि नेशनल हाईवे के साथ लगती अधिकारियों की कॉलोनी में एक भी स्ट्रीट लाइट बंद नहीं है। अमर उजाला ने शनिवार देर रात शहर के नेशनल हाइवे पर स्ट्रीट लाइट्स के हालातों का जायजा लिया, लेकिन हालात बद से बदतर ही मिले।
स्थानीय नए बस स्टैंड से लेकर सिरसा रोड पर सेतिया पैलेस के सामने तक स्ट्रीट लाइट्स की हालात शहर में सबसे शानदार है। लगभग एक किलोमीटर की इस सड़क में इक्का-दुक्का ही स्ट्रीट लाइट खराब है। बाकी पूरा रास्ता स्ट्रीट लाइट की सुनहरी रोशनी में नहाया हुआ प्रतीत होता है। इसके अलावा बस स्टैंड से एमसी कालोनी मोड तक भी स्ट्रीट लाइट्स बंद ही हैं।
स्ट्रीट लाइट्स की सबसे बुरी व्यवस्था भूना मोड़ से लेकर हिसार रोड पर सेक्टर तीन के मोड़ तक की है। हैरानी की बात है कि इसी रोड पर लघुसचिवालय, कोर्ट कांपलेक्स एवं डीसी-एसपी सरीखे दिग्गजों अफसरों की कोठियां तक हैं। लेकिन इस एक किलोमीटर के इस रूट पर सबसे अधिक अंधेरा है। इसी बात से अंदाजा लगाइए कि इस पूरे रूट पर तकरीबन 55 के करीब स्ट्रीट लाइट्स लगी हुई हैं लेकिन एक भी स्ट्रीट लाइट चालू हालत में नहीं है। हैरत देखिए आफिसर कॉलोनी में रहने वाले अधिकारियों में शामिल डीसी, एसपी, एडीसी की ओर से एक भी शिकायत नगर परिषद दफ्तर को नहीं की गई है।
बीघड़ मोड़ से लेकर भूना मोड़ तक हर दूसरे खंभे पर है खराब स्ट्रीट लाइट
बीघड़ मोड़ से लेकर भूना मोड़ तक स्ट्रीट लाइटों की हालत दयनीय ही है। बीघड़ मोड़ से भूना मोड तक तकरीबन 78 स्ट्रीट लाइट्स हैं। 39 खंभों पर लगी इन स्ट्रीट लाइट्स में हर दूसरे खंभे पर लगी कम से कम एक स्ट्रीट लाइट तो अवश्य बंद है। ऐसे में बीघड़ मोड़ से भूना मोड़ तक कहीं-कहीं अंधेरा घना हो जाता है।
इन रास्तों पर अक्सर हुए हैं हादसे और वारदातें
स्ट्रीट लाइट्स बंद होने के चलते देर रात को इन सड़कों पर से गुजरना तक मुश्किल हो जाता है। कई बार ऐसा हुआ है कि अंधेरे के चलते दो पहिया वाहन चालकों को सड़क का गड्ढा नहीं दिखा और बाइक हादसे का शिकार हो गया। पिछले दो माह में ही ऐसे आठ केस सामने आ चुके हैं। गनीमत ये रही कि बाइक सवारों को मामूली चोट आई, अन्यथा ये अंधेरा किसी बड़े हादसे का सबब भी बन सकता है। इसके अलावा भूना रोड पर कुछ दिन पहले ही राहगीर का पर्स छीनने का प्रयास हुआ था, लेकिन राहगीर द्वारा शोर मचाने के चलते अज्ञात बदमाश मौके से फरार होने में कामयाब हो गया था।
यह कहना है दुकानदारों का
अंधेरा होने के बाद अधिकतर लोग शाम होने के बाद आने से झिझक रहे हैं। शिकायत करना चाहते हैं, लेकिन दुकान पर काम अधिक होने के कारण नहीं कर पाते। सरकार कोई टोल फ्री नंबर जारी करे ताकि लोगों को नगर परिषद के चक्कर ही ना काटने पड़ें।
- हैप्पी लूना, दुकानदार ।
मेरा कार्यालय जाट धर्मशाला के पास है। रात को अंधेरा होने के बाद यहां पर रूकना खतरे से भरा लगता है। स्ट्रीट लाइटों में से अधिकतर के बंद होने के चलते हालात गंभीर है।
- सुमित सेठी, आफिस संचालक ।
नेशनल हाइवे पर स्ट्रीट लाइट्स बंद होने से एकाएक अंधेरा छा जाता है और पिछले दस दिन से ये लाइटें बंद हैं। जिसके चलते कई बार पैदल चलने वालों के लिए भी परेशानी पैदा होती है।
- मदन मेहता, व्यवसायी ।
इन तरीकों से की जा सकती है स्ट्रीट लाइट्स खराब होने की शिकायत
1. नप दफ्तर की पुरानी बिल्डिंग में शिकायत देकर
2. ट्विटर पर सीएमओ व सीएम मनोहर लाल को टैग करके ट्वीट करने से
3. सीएम विंडो पर ऑनलाइन शिकायत देकर
4. अपने वार्ड के पार्षद के मार्फत
एलईडी प्रोजेक्ट है स्ट्रीट लाइट्स के ठीक न होने की सबसे बड़ी वजह
सरकार द्वारा स्ट्रीट लाइटों को एलईडी लाइटों से बदलने के फैसले के बाद नगर परिषद के अधिकारी और कर्मचारी इस ओर ढिलाई बरतने लगे हैं। अधिकारी इस इंतजार में हैं कि एलईडी लाइट्स आने के बाद पूरी तरह लाइट्स बदल दी जाएं। लेकिन इसमें अभी लंबा समय लगना है।
नप अध्यक्ष बोले, जल्द ठीक होगी व्यवस्था
मेरे संज्ञान में ये मामला नहीं था। दिवाली के दिनों में क्यों, स्ट्रीट लाइट्स तो हमेशा ही रोशन रहनी चाहिए। नप प्रशासन को निर्देश दूंगा कि जल्द ही स्ट्रीट लाइट्स को ठीक करवाया जाए।
- दर्शन नागपाल, नगर परिषद अध्यक्ष, फतेहाबाद।