जानकारी के अनुसार अग्रवाल धर्मशाला के सामने करीब 63 मरले नगरपालिका की जमीन पर चौकीदारी का कार्य करने वाले शंकर लाल वर्षों पहले झुग्गी झोपड़ी बनाकर रहने लगे। अब यहां पर कच्चे मकान बन गए। 2014 में तत्कालीन हुड्डा सरकार के दौरान यह जमीन सरकार द्वारा अरोड़वंश समाज को अलॉट कर दी गई तो समाज की सभा ने कलेक्टर रेट भी भर दिया था। अब नगरपालिका को यह जमीन खाली करवानी थी।
उपायुक्त के आदेशों पर एसडीएम जगदीश चंद्र द्वारा नियुक्त ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार अशोक कुमार, सिटी एसएचओ जय सिंह, सदर एसएचओ ओमप्रकाश, नगरपालिका सचिव संदीप कुमार, एमई सुनील लांबा की टीम पुलिस फोर्स व जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची तो लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। महिलाएं उनके कच्चे मकान न तोड़ने की गुहार लगाने लगी, लेकिन जैसे ही मौके पर जेसीबी मशीन पहुंची तो कब्जाधारियाें ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष प्रदर्शन शुरू कर दिया।
रोष व्यक्त कर रहे राम भक्त, प्रकाश, साधु, रामलाल, बुधराम, बसंत काला ने बताया कि वर्षों पहले उनके परिवार के सौदागर व शंकर लाल शहर में चौकीदार का कार्य करने आए थे। इस दौरान प्रशासन से रहने के लिए जगह की मांग की तो इस खाली पड़े स्थान पर बिठाया था। वह पिछले 40-50 वर्षो से यहां रह रहे हैं। इस स्थान पर अब 60-70 परिवार के लोग अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं। प्रशासन उन्हें उजाड़ने पर तुला है। कब्जाधारियों के साथ खड़े इंकलाब नौजवान सभा के अध्यक्ष व पार्षद गुरप्रीत गोपी, गुरविंदर सिंह, जसवीर ने प्रशासन की कब्जा कार्रवाई को प्रदेश सरकार की तानाशाही बताते हुए कहा कि उक्त लोग वर्षों से यहां बैठे हैं, लेकिन प्रशासन ने कभी भी उन्हें जगह खाली करने का नोटिस नहीं दिया।
अन्य जगह सरकार वर्षों पुराने बैठे लोगों को उन्हें मालिक बना रही है, लेकिन यहां पर बैठे गरीब लोगों को उजाड़ने का काम कर रही है। इसलिए प्रशासन इन गरीब लोगों को उजाड़ने से पहले उन्हें बसाने का काम करें। प्रशासन व कब्जाधारियों के बीच चल रही बहस के बीच टीमें कब्जा छुड़वाने को आगे बढ़ी तो कब्जाधारियों ने मकान के अंदर से पथराव शुरू कर दिया। कुछ कब्जा करने वाले परिवारों के युवकों ने लोहे की राॅडो से पुलिस टीम पर हमला बोल दिया तथा इस हमले के दौरान वहां खड़ी पुलिस बस के शीशे भी तोड़े।
इसके बाद पुलिस फोर्स आगे बढ़ी और कुछ महिलाओं को उठाकर बस में बिठाया और अपने साथ ले गए। वहां मौके पर काफी भगदड़ मच गई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार अशोक कुमार व शहर थाना प्रभारी जय सिंह ने कब्जाधारियों को फिर से समझाना शुरू कर दिया। जब अधिकारी कब्जाधारियों को समझा रहे थे तो इस दौरान कुछ युवकों ने तलवार लहरानी शुरू कर दी तथा कुछ महिलाएं धार्मिक मूर्तियां लेकर पुलिस टीम के आगे बैठ गई। पीछे से एक बार फिर पत्थरबाजी शुरू कर दी गई। पत्थरबाजी के दौरान दो महिलाओं को हल्की चोटें लगी तो वहीं दो-तीन पुलिस कर्मियों को भी मामूली चोटें लगी हैं।
एक गाड़ी के शीशे टूट गए। इसके बाद लोग जेसीबी के आगे लेट गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी दौरान डीएसपी संजय बिश्नोई वहां आए और उन्होंने लोगों से बात कर उन्हें समझाया। लोगों ने फिलहाल 15 दिन का समय और उन्हें कहीं अन्य जगह जमीन अलॉट करने की मांग रखी। आश्वासन के बाद नगरपालिका कर्मचारियों के सहयोग से कब्जा धारी के सामान को बाहर निकाल कर प्रशासन द्वारा जेसीबी की सहायता से कब्जे हटाकर जगह को नगरपालिका को सौंप दिया गया।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार ने बताया कि नगर पालिका की तीन कनाल तीन मरले जगह से वर्षों पुराने किए गए कब्जे को हटाकर जगह नगरपालिका को सौंपा गया है। कब्जा कर रहे लोगों को बसाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पूरा मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा तथा उच्च अधिकारी को निर्देशों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।