फतेहाबाद। वीरवार का दिन गणपति बप्पा के नारों एवं गणपति विसर्जन के नाम रहा। शहर भर के गणेश पंडालों और घरों में स्थापित किए भगवान गणेश की प्रतिमाओं का श्रद्धालुओं ने सभी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया। गणपति बप्पा मोरेया, अगले बरस तूं जल्दी आ, मोरेया रे बप्पा मोरेया रे आदि जयकारों से शहर गुंजायमान हो उठा। पिछले दस दिनों से चल रहे गणेशोत्सव को शहर के कई मंदिरों और अन्य स्थानों पर गणपति जी की स्थापना की गई थी। इस दौरान आयोजित संकीर्तन समारोहों से शहर गणपति मय हो गया था। रविवार को गणपति विसर्जन धूमधाम से किया गया। विसर्जन से पूर्व शहर में शोभायात्रा निकाली गई। मनकामेश्वर मंदिर में आयोजित गणेशोत्सव को लेकर दस दिनों तक संकीर्तन का आयोजन किया गया।
शहर में इन जगहों पर निकाली गई गणपति की शोभायात्रा
शनिवार को रात्रि को राजस्थान से आए मोहन भारद्वाज ने भजनों के माध्यम से गणपति बप्पा की महिमा का गुणगान किया। रविवार को विसर्जन से पूर्व मंदिर प्रांगण से शुरू हुई शोभायात्रा निकाली गई। मंदिर से शुरू हुई यात्रा राष्ट्रीय राजमार्ग, लालबत्ती चौक, फव्वारा चौक, थाना रोड, जवाहर चौक, डीएसपी रोड, पुराना बस स्टैंड से होते हुए गांव बडोपल की और रवाना हुई। गांव में स्थित नहर में जयकारों की गूंज के साथ गणपति बप्पा का विसर्जन किया गया।
यहां स्थापित किए गए गणपति
इसके अलावा मस्जिद वाले स्कूल के पास स्थापित गणपति स्थापित किए गए। पानी वाली टंकी के पास स्थापित किए गए गणपति जी, शिव चौक के पास स्थापित किए गए गणपति जी के अलावा श्रद्धालुओं द्वारा घरों में स्थापित किए गए गणपति जी का विसर्जन भी किया गया। श्रद्धालु ढोल की थाप के साथ झूमते हुए जा रहे थे। संन्यास आश्रम मंदिर में स्थापित किए गए गणपति जी का विसर्जन भट्टूकलां के पास स्थित नहर में किया गया। इस अवसर पर मनकामेश्वर मंदिर प्रबंधन कमेटी के मदन लाल सरदाना, राम गेरा, राजकुमार मदान, संजय रुखाया, देवेंद्र कुमार, दिनेश मुंजाल, हरीश चुघ, गुलशन मुंजाल, नंदलाल तेहरिया, विपिन कुमार, रिंकू बांसल, लिंकन कुमार, अरुण मक्कड़ सहित शहर के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।