कुलां। विद्युत निगम द्वारा बिजली चोरी पर अंकुश लगाने को लेकर म्हारा गांव जगमग गांव योजना के तहत लाखों करोड़ों रुपये खर्च कर विद्युत की पुरानी तारों को तब्दील कर नई केबल डालने के साथ ही घरों के प्रांगण में लगे विद्युत मीटरों को परिसर में पोल पर लगाया गया था। निगम का दावा था कि इससे विद्युत मीटरों से छेड़छाड़ नहीं हो सकेगी, बिजली चोरी पर अंकुश लगेगा। जिससे यह बिल्कुल सही खपत दर्शाएगा। परंतु गांव धारसूल कलां में निगम के इन दावों की एकतरफा पोल खुल रहीं हैं।
गांव में एक उपभोक्ता द्वारा दूसरे उपभोक्ता के मीटर से तार जोड़कर सरेआम बिजली चोरी कर हजारों रुपये की चपत लगाई गई है। नतीजन दूसरे उपभोक्ता, जिसका मकान विगत कई महीनों से बंद पड़ा है, उसका दो माह का बिजली बिल साढ़े पांच हजार रुपये से अधिक आया है। विद्युत निगम ने मौके पर जांच कर यह गड़बड़ी पकड़ी है। बावजूद कार्रवाई के नाम पर निगम के अधिकारी टालमटोल कर रहे है। इससे उपभोक्ता को बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव धारसूल कलां निवासी रामफल ने बताया कि, धारसूल गांव में उसका अपना घर है। जबकि वह गत करीब चार वर्षों से कुलां में रह रहा है। तब से धारसूल में उसके घर पर ताला लटका हुआ है। हालांकि वहां उसके नाम से विद्युत कनेक्शन जारी है।
डेढ़ माह पहले मोबाइल पर आए मैसेज से चला पता
उसने बताया कि निगम द्वारा गत महीनों घरों के विद्युत मीटर परिसर में बक्से में लगाए गए थे। उन्होंने बताया कि वहां पर दूसरा उपभोक्ता करीब तीन महीनों से उसके मीटर से तार जोड़कर बिजली चोरी कर रहा है। इसकी जानकारी उसे तब हुई, जब करीब डेढ़ महीना पहले उसके मोबाइल पर निगम का बिजली खपत का संदेश प्राप्त हुआ। जिसमें बिजली खपत कई गुना अधिक दर्शाई हुई थी। इस पर उसने इसकी शिकायत निगम के जेई को दी। इसके आधार पर जेई ने तत्काल प्रभाव से बिजली कर्मियों को इसकी जांच के आदेश दिए। बिजली कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर मीटरों की जांच की तो पाया गया कि, उसके मीटर से दूसरे उपभोक्ता की तार जुड़ी हुई है। उपभोक्ता रामफल ने बताया कि इसकी वजह से उसे इस बार बिजली का बिल 5525 रुपये आया है। बताया जा रहा है कि इससे पहले प्रत्येक दो माह बाद उसका बिजली बिल 500 रुपये के करीब आता था। उसने बताया कि इसे लेकर वह गत कई दिनों से निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहा है। जबकि अधिकारी कोई कार्रवाई करने की बजाए टालमटोल कर रहे हैं।
बिजली निगम पर मिलीभगत का लगाया आरोप
उपभोक्ता रामफल ने निगम अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उसने कहा कि निगम की जांच में बिजली चोरी की बात स्पष्ट हो चुकी है। परंतु इसके बाद भी उसे कोई न्याय नहीं मिल रहा है। उसने बताया कि इस बार उसे दो महीने का बिजली बिल 5525 रुपये आया है। जबकि बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ता को दो माह का बिजली बिल मात्र 237 रुपये आया है।
निगम की कार्यप्रणाली पर लग रहा प्रश्नचिह्न
इससे विद्युत निगम की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है। सवाल है कि बिजली मीटरों के बक्से को सील लगाकर बंद किया जाता है, तो बक्सों को खुला कैसे छोड़ा गया। इसके बाद मीटरों से छेड़छाड़ की गई और विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगीं। आखिर सवाल यह भी उठता है कि निगम द्वारा चेकिंग की गई, जिसमें बिजली चोरी का मामला पाया गया है तो फिर भी इस पर अभी तक कोई कार्रवाई अमल में क्यों नहीं लाई गई।
क्या कहते हैं बिजली कर्मचारी
बिजली निगम के लाइनमैन धर्मपाल ने कहा कि शिकायत के मद्देनजर गत दिनों बक्से में लगे उक्त मीटरों की चेकिंग की गई थी। जिसमें उपभोक्ता रामफल के मीटर में दूसरे उपभोक्ता के घर की सप्लाई जुड़ी हुई थी। निगम अधिकारियों के आदेशानुसार तारों को सही से जोड़ दिया है। इसकी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
कोट्स
हमारे पास शिकायत आई है। शीघ्र ही इसकी जांच की जाएगी। जांच में यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उस विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अगर वास्तव में ऐसा है तो उपभोक्ता रामफल का बिल दुरुस्त कर दिया जाएगा। किसी के साथ गलत नहीं होने दिया जायेगा।
- मनदीप कुंडू एसडीओ विद्युत निगम टोहाना।