फतेहाबाद। टीबी लक्षणों से ग्रस्त मरीजों की जांच बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में माइक्रो स्कोपी सेंटर शुरू किए हैं। यहां पर टीबी आशंकित मरीज बलगम की जांच करवा सकेंगे। जांच में अगर टीबी की पुष्टि होती है तो समय रहते उपचार भी शुरू हो सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अहरवां, पिरथला, नागपुर और सीएचसी भूथनकलां में टेस्ट के लिए ये सेंटर शुरू किए हैं। इसके अलावा रतिया और टोहाना में ट्रूनेट मशीन भी शुरू होगी। इससे एमडीआर मरीजों की पहचान हो पाएगा। फतेहाबाद नागरिक अस्पताल में सीबीनॉट मशीन चलने के चलते यहां लगाई गई ट्रूनेट मशीन को रतिया और टोहाना के अस्पताल में शुरू करने की स्वास्थ्य विभाग ने प्लानिंग की है।बता दें कि वर्ष 2022 में जिले की लैब में जांच के दौरान 2286 मरीजों में टीबी की पुष्टि हुई है। इसमें सबसे ज्यादा पुरुष मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 1495 पुरुष तो 791 महिलाओं में टीबी बीमारी मिली है। संवाद
वर्ष 2022 में टीबी के जिले में ये मिले मरीज
क्षेत्र मरीज मिले
फतेहाबाद 640
भट्टू 374
भूना 366
रतिया 410
टोहाना 732
ये हैं टीबी बीमारी के लक्षण
दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना
रात को सोते समय पसीना आना, ठंड में भी पसीना आना
बुखार आना, संक्रमण बढऩे के साथ बढ़ना
थकावट होना
वजन कम होना
सांस लेने में दिक्कत होना
एमटीबी जीवाणु के कारण होती है टीबी
चिकित्सकों के मुताबिक क्षय रोग यानि टीबी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस जीवाणु के कारण होता है। रोगाणु हवा के माध्यम से फैलते हैं और आमतौर पर फेफड़ों को संक्रमित करते हैं, लेकिन शरीर के अन्य भागों को भी संक्रमित कर सकते हैं।
कोट
जिले की तीन पीएचसी और एक सीएचसी पर माइक्रोस्कॉपी सेंटर शुरू किया गया है। यहां मरीज बलगम की जांच करवा सकेंगे। लोगों से भी अपील है कि टीबी को लेकर लक्षण हैं तो जांच जरूर करवाएं।
-डॉ. मनीष टुटेजा, उप सिविल सर्जन