फतेहाबाद। आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है। लाखों चुनौतियों को पार कर महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ आगे बढ़ रही हैं। हर दायित्व को निभाने में अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। कोई अत्याचार के खिलाफ आवाज उठा रही है तो कोई शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रही है। कुछ शिक्षा को बांट रही है ताकि किसी को भिक्षा मांगने की जरूरत ही न पड़े। आज हम ईमानदारी, जिम्मेदारी और इंसानियत के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहीं महिलाओं से रूबरू करा रहे हैं।
शिक्षा के अभाव में कोई भिक्षा न मांगे, इसी सोच के साथ फतेहाबाद निवासी संगीता प्रणामी जांगड़ा दो साल से झुग्गी-झोपडिय़ों में जाकर बच्चों को पढ़ा रही हैं। दोपहर को ढाई बजे के बाद दो घंटे तक बच्चों को क, ख, ग सीखा रही हैं। संगीता बताती है कि शिक्षा के अभाव में बच्चे स्कूलों पर भीख मांगते हैं, अगर इन्हें शिक्षा दी जाए तो अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं। संगीता सुबह 9 से 2 बजे तक स्कूल में पढ़ाती हैं और इसके बाद ढाई बजे से झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे बच्चों को शिक्षित कर रही हैं। करीब 30 से 40 बच्चे रोजाना पढ़ने आते हैं। संवाद
नकल करते पकड़ लूं तो सिफारिश पर भी ना छोडूं
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के उड़नदस्ते में चेयरमैन फ्लाइंग का नाम आते ही सभी सतर्क हो जाते है, वजह ये है कि इस टीम में जो महिला सदस्य शामिल है, वह किसी परीक्षार्थी को नकल करते हुए पकड़ ले तो छोड़ती नहीं है, चाहे किसी की सिफारिश क्यों न आ जाएं। बात कर रहे है मॉडल संस्कृति स्कूल में इक्नोमिक्स लेक्चरर के पद पर तैनात सरोज बिश्नोई की। सरोज बिश्नोई पिछले पांच साल से बोर्ड की चेयरमैन फ्लाइंग में ड्यूटी दे रही है और अब तक 350 यूएमसी बना चुकी हैं। वह किसी परीक्षार्थी को नकल करते हुए पकड़ लेती है उसे छोड़ती नहीं है, चाहे किसी की भी सिफारिश आ जाए। परीक्षा में बेहतर ड्यूटी देने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल सुशीला स्मृति अवॉर्ड दे चुके हैं। इसके अलावा वह लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पिंक बूथ पर प्रीजाइडिंग ऑफिसर के पद पर भी ड्यूटी निभा चुकी हैं।
पति की दोनों किडनी फेल हुई तो पत्नी ने बचाई जान
फतेहाबाद में जिला अग्रणी बैंक कार्यालय में उप प्रबंधक रह चुके जीएस मल्होत्रा को उनका जीवन पत्नी की देन है। जब शुगर बीमारी के कारण दोनों किडनी ने काम करना बंद कर दिया और रिश्तेदार भी पीछे हट गए। तब पत्नी ने उसे अपनी किडनी देकर जान बचाई। एलडीएम कार्यालय से उप प्रबंधक के पद सेवानिवृत्त जीएस मल्होत्रा बताते हैं कि शुगर के कारण वर्ष 2010 में उनकी किडनी फेल हो गई, 2014 तक उपचार चलता रहा लेकिन दोनों किडनी ने काम करना बंद कर दिया। डॉक्टरों ने कहा कि किडनी का इंतजाम करना पड़ेगा नहीं जान बचाना मुश्किल है। इसके बाद पत्नी अरविंद कौर आगे आई और उन्होंने अपने टेस्ट करवाए। जांच के बाद डॉक्टर पत्नी अरविंद की किडनी ट्रांसफर करने के लिए तैयार हो गए। 28 अप्रैल 2014 को ऑपरेशन के द्वारा पत्नी की एक किडनी उनके शरीर में ट्रांसफर की गई। अब दोनों के शरीर में एक-एक किडनी काम कर रही हैं।
महिलाओं के बिगड़े रिश्ते सुलझाने में भूमिका निभा रही सीजेएम डॉ. सविता
महिलाओं के हितों के लिए काम करने में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव के रूप में काम कर रही मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. सविता कुमारी भी पीछे नहीं है। अप्रैल 2021 में प्राधिकरण सचिव की जिम्मेदारी संभालने से लेकर अब तक डॉ. सविता कुमारी व उनकी टीम 64 महिलाओं के बिगड़े हुए रिश्तों को संवारने में भूमिका निभा चुकी हैं। पारिवारिक झगड़ों के केस निपटवा कर महिलाओं को आपसी सद्भाव से जीवन बिताने की राह दिखाई है। इसी तरह 69 महिलाओं को प्राधिकरण के माध्यम से निशुल्क वकील उपलब्ध करवाकर उनकी कानूनी पैरवी करवाने में मदद की है। डॉ. सविता कुमारी कहती हैं कि प्राधिकरण लगातार हर वर्ग के हित में काम कर रहा है। जरूरतमंदों को कानूनी सेवाएं उपलब्ध करवाने से लेकर जनसमस्याओं का भी समाधान करवाता है।
लेक्चरर सरोज बिश्नोई।- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद में बच्चों को पढ़ाती हुई संगीता प्रणामी जांगड़ा।- फोटो : Fatehabad