भूना। बैजलपुर गांव में महापंचायत में पूर्व सरपंच के कार्यकाल की गड़बड़ियों को उजागर करना पूर्व मनरेगा मेट दारा सिंह को भारी पड़ गया। अगले ही दिन उस पर जानलेवा हमला हुआ। आरोप है कि तेजधार हथियार से आंख के पास वार किया गया, लात-घूंसे मारे और पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई।
गंभीर हालत में मेट दारा सिंह को हिसार के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 45 वर्षीय दारा सिंह ने पुलिस को बताया कि 19 मई को गांव में महापंचायत हुई थी। पंचायत में उसने पूर्व सरपंच के कार्यकाल में हुई गड़बड़ियों की जानकारी दी थी। साथ ही वर्तमान सरपंच के विकास कार्यों की तारीफ की थी। इसी बात से नाराज होकर 20 मई की सुबह प्रताप सिंह ने रास्ता रोककर उसे धमकाया।
दारा सिंह ने बताया कि रात करीब साढ़े आठ बजे ब वह अपनी किराना की दुकान बंद कर घर जा रहा था, तभी प्रीतम सिंह ने उसे गालियां दीं। मुकेश उर्फ जोगा ने तेजधार शेविंग उस्तरे से उसकी बाईं आंख के पास वार किया। सुनील कुमार ने लात-घूंसे मारे। तीनों ने मिलकर बेरहमी से पीटा। इसी दौरान पूर्व सरपंच का बेटा विजय कुमार दो युवकों के साथ सेंट्रो कार से आया। विजय के हाथ में पिस्तौल थी।
उसने पंचायत में भाषण देने का परिणाम बताया और भविष्य में बोलने पर जान से मारने की धमकी दी। घायल दारा सिंह को मौके पर पहुंचे कुलदीप सिंह और उसके चचेरे भाई सुरेश कुमार ने भूना सीएचसी में भर्ती कराया।
पूर्व सरपंच ने आरोपों को नकारा
उधर, पूर्व सरपंच प्रताप सिंह ने कहा कि उन्हें गांव की राजनीति के चलते झूठे केस में फंसाया जा रहा है। हमला करने वाले तीन युवक गांव के ही हैं। उनकी पहचान हो चुकी है। उनका और उनके बेटे का इस हमले से कोई लेना-देना नहीं है।