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Fatehabad News: गांव करंडी में एसएमसी और पंचायत का फैसला, विद्यार्थियों को टैबलेट न दिए जाएं

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गांव करंडी के स्कूल में बैठक के दौरान मौजूद एसएमसी कमेटी और पंचायत के सदस्य। 
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कुलां (फतेहाबाद)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय करंडी में प्रिंसिपल कृष्ण चंद की अध्यक्षता में एसएमसी, सरपंच और ग्राम पंचायत की बैठक हुई। बैठक में स्कूल की समस्याओं के साथ-साथ विद्यार्थियों को दिए गए टैबलेट पर चर्चा की गई। एसएमसी के प्रधान राजेश व सरपंच प्रतिनिधि जगसीर सिंह और सभी सदस्यों ने विद्यार्थियों को टैबलेट देने पर एतराज जताया।
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उन्होंने कहा कि हमारे विद्यार्थियों को टैबलेट न दिया जाए, न ही धक्के से उनको काम दिया जाए, न ही बार-बार स्कूलों में टैबलेट मंगवाई जाए। इस टैबलेट की वजह से बच्चे अश्लील कार्यक्रम देखते हैं। माता-पिता से दूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकतर बच्चे ग्रामीण परिवेश के गरीब परिवारों से हैं। इनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं, वो बच्चों को हर समय देख नहीं पाते। बैठक में ग्रामीण और एमसी के अधिकांश सदस्य पूरी तरह टैबलेट के विरोध में रहे।

टैबलेट पर होमवर्क लेने से किया इन्कार
अभिभावकों को प्रिंसिपल कृष्ण चंद ने समझाने का प्रयास किया कि वे सिर्फ विद्यार्थियों को टैबलेट पर काम देते हैं। इस पर भी सभी अभिभावकों ने काम लेने से इन्कार कर दिया। इसके बाद प्रिंसिपल ने एसएमसी को आश्वासन दिया कि जबरदस्ती किसी बच्चे से कार्य नहीं करवाएंगे। सिर्फ काम देंगे, जो बच्चा कर लेगा ठीक है, नहीं तो इसके कारण बच्चों के ऊपर कोई सख्ती नही करेंगे। एसएमसी और पंचायत प्रतिनिधि ने कहा कि इस मामले पर बच्चों को बिल्कुल भी प्रताड़ित न किया जाए, चाहे बच्चे कार्य करें या न करें। उन्होंने कहा कि अध्यापक कक्षा में बच्चों को पढ़ाएं और टैबलेट को वापस ले लिया जाए।
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टैबलेट के चक्कर में दो छात्राओं ने कर ली थी आत्महत्या

गौरतलब है कि टैबलेट के चक्कर में पिछले सप्ताह भट्टू खंड के गांव ढांडा की दो छात्राओं ने आत्महत्या कर ली थी। उन छात्राओं के टैबलेट का लॉक टूटा हुआ था, और उसमें पढ़ाई के अलावा अन्य एप भी चलाई गई थी।

स्कूल में एसएमसी कमेटी व पंचायत के सदस्यों के साथ बैठक हुई थी। सभी ने टैबलेट विद्यार्थियों को नहीं देने की बात कही है। एसएमसी और पंचायत के प्रस्ताव की कॉपी उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।
-कृष्ण चंद, प्रिंसिपल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, गांव करंडी


अभी मेरे पास ऐसी सूचना नहीं आई है, फिर भी अभिभावकों को समझाया जाएगा। अगर कोई दिक्कत है, तो शिक्षकों के सामने ही विद्यार्थियों को टैबलेट पर काम करवाने के निर्देश दिए जाएंगे।
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-दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद
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