फतेहाबाद। नगर परिषद ने आधे शहर की सफाई का ठेका निजी एजेंसी को दिया है लेकिन व्यवस्था अब तक पटरी पर नहीं लौटी। परिषद के अनुमान में 146 कर्मचारी तय थे जबकि एजेंसी के वर्क प्लान में 111 कर्मचारियों को ही मंजूरी मिली है। ऐसे में 35 कर्मचारियों की कटौती पर सवाल उठ रहे हैं।
पानीपत की एजेंसी को 17 सितंबर को छह महीने के लिए 1 करोड़ 32 लाख रुपये में सफाई का ठेका दिया गया था। इसके तहत वार्ड 10 से 21, वार्ड 23 और 24 सहित मुख्य सड़कों की सफाई का जिम्मा सौंपा गया है। इसके बावजूद सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है। पार्षदों को अब तक यह सूची भी नहीं सौंपी गई है कि उनके वार्ड में कितने कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
नगर परिषद ने सफाई के अनुमान में 146 कर्मचारियों की जरूरत तय की थी। वहीं एजेंसी के वर्क प्लान में अधिकारियों ने 111 कर्मचारियों को मंजूरी दी है। पोर्टल पर भी 111 कर्मचारियों की सूची अपलोड की गई है। इस तरह अनुमान के मुकाबले 35 कर्मचारी कम रह गए हैं। पिछले दिनों अधिकारियों के निरीक्षण में भी मौके पर कर्मचारी कम मिले थे। संवाद
-
पहले भी ठप रही सफाई व्यवस्था
शहर के इन वार्डों में ठेका शुरू होने से पहले करीब 45 दिन तक नियमित सफाई नहीं हुई थी। जून में पुराना सफाई ठेका समाप्त हो गया था। मामला उठने के बाद नगर परिषद ने आनन-फानन में ठेका दो महीने के लिए बढ़ाया था। इसके बाद कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कई इलाकों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई थी। निजी एजेंसी को ठेका दिए जाने के बावजूद सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
-
बाहरी कॉलोनियों में सबसे अधिक परेशानी
सफाई बंद रहने का सबसे ज्यादा असर शहर की बाहरी कॉलोनियों पर पड़ा। हंस कॉलोनी, स्वामी नगर और हरनाम सिंह कॉलोनी में स्थिति अधिक खराब रही। इन क्षेत्रों में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदगी और कूड़े के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अब रात को होगी सड़कों और बाजारों की सफाई, नप प्रधान ने दिए निर्देश
शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए नगर परिषद अब रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था शुरू करवाएगी। नगर परिषद प्रधान ने कार्यकारी अधिकारी को पत्र जारी कर शहर की प्रमुख सड़कों, बाजारों और अन्य जरूरी स्थानों पर नियमित रूप से रात के समय सफाई करवाने के निर्देश दिए हैं। प्रधान ने पत्र में कहा कि दिन के समय सड़कों पर यातायात और बाजारों में भीड़ के कारण सफाई कार्य में परेशानी आती है। ऐसे में रात के समय सफाई करवाने से व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। इसके लिए जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।
-
मेरे वार्ड में सफाई तो शुरू हो गई है लेकिन अभी तक ये नहीं पता चला है कि कितने कर्मचारी लगाए गए हैं। कम से कम पार्षद को तो पता होना चाहिए कि उसके वार्ड में कितने कर्मचारी और कौन-कौन हैं।
- मोहन लाल नारंग, पार्षद वार्ड 12।
-
जितने कर्मचारी तय किए गए है एजेंसी की तरफ से उतने ही कर्मचारी लगाए जा चुके हैं। नियमित रूप से सफाई हो रही है।
- साहिल कुमार, सुपरवाइजर, एजेंसी
-
शहर में सफाई के बारे में सख्त निर्देश है। अभियान भी शुरू करवाया गया है। कर्मचारी कम लगाने का मामला संज्ञान में नहीं है। इस बारे में अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान, नगर परिषद, फतेहाबाद।