फतेहाबाद के बाद अब भूना में भी जनस्वास्थ्य विभाग को बड़ा झटका लगा है। भूना में प्रस्तावित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से वेस्ट पानी की खपत के लिए रंगोई नाले की दूरी अधिक होने से विभाग के मुख्यालय ने एसटीपी की फाइल को रिजेक्ट कर दिया है। मुख्यालय के अनुसार जब तक एसटीपी से वेस्ट पानी ले जाने के लिए पर्याप्त साधन की उपलब्धता नहीं होती, तब तक भूना में एसटीपी को मंजूरी नहीं दी जा सकती। विभाग अब वेस्ट पानी को निकालने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने में जुट गया है।
नगर पालिका बनने के बाद शहर की श्रेणी में आया भूना
भूना अब तक ग्राम पंचायत थी, लेकिन 3 साल पूर्व सरकार ने इसे नगर पालिका बनाने की घोषणा की। नगर पालिका अस्तित्व में आने के बाद भूना भी शहर की श्रेणी में आ गया है। सरकार ने भूना को शहर की तर्ज पर सारी सुविधाएं देने की घोषणाएं की, जिसमें शहर में सीवरेज की पाइपलाइन बिछाकर एसटीपी का निर्माण करना भी शामिल रहा। इसी कड़ी में सरकार ने भूना के कुलां रोड पर नगर पालिका की साढ़े 4 एकड़ जमीन पर सीवरेज ट्रीटमेेंट प्लांट लगाने के लिए योजना तैयार की। फतेहाबाद के जनस्वास्थ्य विभाग ने भूना में एसटीपी के लिए फाइल तैयार करके मुख्यालय भिजवा दी। फाइल के प्रारूप के अनुसार इस पर तकरीबन 32.20 करोड़ की अनुमानित लागत आनी थी और ये दो साल में बनकर तैयार हो जाना है।
वेस्टेज पानी की वैकल्पिक व्यवस्था करके फाइल को दोबारा प्रक्रिया में लाया जाएगा
विभाग की फाइल के अनुसार कुलां रोड पर प्रस्तावित एसटीपी से रंगोई नाले की दूरी साढ़े 11 किलोमीटर पड़ती है। जहां से वेस्ट पानी को डाला जाना है। पता चला है कि जनस्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय में मुख्य अभियंता ने रंगोई नाले की दूरी पर ऑब्जेक्शन लगा दिया। मुख्य अभियंता को इससे आपत्ति थी कि रंगोई नाले की दूरी ज्यादा है और यहां से वेस्ट पानी को पहुंचाना संभव नहीं हो पाएगा। विभाग के कार्यकारी अभियंता ने माना है कि वेस्टेज पानी की वैकल्पिक व्यवस्था करके फाइल को दोबारा प्रक्रिया में लाया जाएगा।
एसटीपी बना तो यह होगा फायदा
विभाग के एस्टीमेट के अनुसार भूना में सीवरेज व्यवस्था के लिए शहर के अंदर 57 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जानी थी। यह पाइपलाइन भूना का वेस्ट पानी एसटीपी में जाकर छोड़ती। जहां से वेस्ट पानी रंगोई नाले में डाला जाना प्रस्तावित था। अगर भूना में सीवरेज पाइप लाइन बिछ जाती थी तो भूना शहर का घरेलू एवं कॉमर्शियल वेस्टेज पानी एसटीपी में जाता। इससे भूना में जलनिकासी की समस्या खत्म हो जानी थी।
‘भूना में प्रस्तावित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की फाइल रंगोई नाले की दूरी के चलते फिलहाल रिजेक्ट कर दी गई है। वेस्ट पानी के डिस्पोज ऑफ के लिए वैकल्पिक रास्ते के बारे में सोचा जा रहा है।’
-फूल सिंह तंवर, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग, फतेहाबाद ।