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डीजीपी ने माना, भारत नशे का सबसे बड़ा उत्पादक और खपत वाला देश

Sun, 14 Aug 2016 12:49 AM IST
fatehabad
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संबाधित करते हरियाणा डीजीपी - फोटो : amar ujala
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हरियाणा पुलिस के महानिदेशक डॉ. केपी सिंह ने कहा कि हमें स्वीकार करने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए कि भारत नशे का सबसे बड़ा उत्पादक और खपत वाला देश बन गया है। अब बाहर से ही नहीं, देश के अंदर से ही नशे की सप्लाई होती है।  डा. केपी सिंह शनिवार सांय एक निजी पैलेस में पंचायती राज में पुलिस की भूमिका विषय पर आयोजित सम्मेलन में पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि नशा पद का हो या पदार्थ का, दोनों ही इंसान को लील जाते हैं। पद का नशा पद के साथ चला जाता है, लेकिन पदार्थ का नशा जन्म-जन्मांतर तक रहता है। डॉ. सिंह ने बताया कि पिछले दिनों वे पंजाब यूनिवर्सिटी गए थे। यहां उन्होंने लॉ के विद्यार्थियों से सवाल किया कि कितने लोग ड्रग्स लेते हैं। उन्हें पता चला कि हॉस्टल में रहने वाले पचास फीसदी विद्यार्थी नशे के शिकार हैं। जिसका टीचर, मां-बाप और पुलिस तक को पता नहीं। डीजीपी डॉ. सिंह ने कहा कि जब उन्होंने इसका सबूत मांगा तो विद्यार्थियों ने बताया कि सबूत सुबह सफाई कर्मचारी से मिल जाएगा। सफाई कर्मचारी जब सुबह आता है तो उसकी टोकरी में ड्रग्स के रैपर, सिरिंज और शराब की बोतलें भरी होती हैं।

उन्होंने बताया कि वे पिछले दिनों पटियाला यूनिवर्सिटी गए जहां पर प्रवेश परीक्षा चल रही थी। वहां पर बारहवीं के विद्यार्थियों से यही सवाल दोहराया तो पता चला कि 10वीं और 12वीं के 22 फीसदी बच्चे सफेद नशे का स्वाद चख चुके हैं। डीजीपी ने सम्मेलन के माध्यम से समाज को चेतावनी देते हुए कहा कि यह स्थिति आतंकवाद से खतरनाक है। उन्होंने कहा कि हमने आतंकवाद को तो झेला है लेकिन नशे रूपी इस आतंकवाद को झेलना बहुत मुश्किल है।
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उन्होंने कहा कि इसमें मां-बाप, टीचर, समाज, पड़ोसी सबकी अपनी-अपनी भूमिका होती है। हालांकि हर कोई अपनी भूमिका निभाने से बचता है, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि जब सारी चीजें फेल हो जाती हैं तो डंडा पुलिस के सिर आ जाता है। तब तक परिस्थितियां बिगड़ चुकी होती हैं। उन्होंने कहा कि हमें स्वीकार करने में यह हिचक नहीं होनी चाहिए कि हिंदुस्तान ही नशे का सबसे बड़ा कन्ज्यूमर एवं प्रोडक्शन वाला देश बन गया है। उन्होंने कहा कि अब राजस्थान, मध्यप्रदेश जैसे प्रदेशों से ड्रग्स की सप्लाई हो रही है।

टोहाना और जाखल के लोग पंजाब जाकर कराते हैं गर्भपात
कन्या भू्रण हत्या के बारे में डीजीपी ने कहा कि इससे बड़ा कोई घिनौना अपराध नहीं हो सकता। टोहाना-जाखल के लोग पंजाब में जाकर गर्भपात करवा रहे हैं। उन्होंने भ्रूण हत्या पर एक डाक्टर की मार्मिक स्टोरी का वर्णन भी किया।

जाट आंदोलन को बढ़ाने में सोशल मीडिया का हाथ
डीजीपी ने परोक्ष रूप से सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर भी चेताया। उन्होंने कहा कि समाज में 7 फीसदी मुकदमों की जड़ सोशल मीडिया है। सोशल मीडिया से आहत दिख रहे डीजीपी बोले कि पिछले आरक्षण आंदोलन इतना वीभत्स नहीं होता, अगर सोशल मीडिया ना होता। उन्होंने पंचों-सरपंचों से आह्वान किया कि गलत को गलत और ठीक को ठीक कहने की आदत डालें, तभी समाज में सुधार होगा। लोकतंत्र में अपनी बात कहने का तरीका होना चाहिए। सड़क जाम या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना आंदोलन का रास्ता नहीं है।

पंच परमेश्वर है और सरपंच खुदा
डीजीपी ने मुंशी प्रेमचंद्र की कहानियों व महाभारत के कुछ प्रसंगों का विवरण देते हुए पंचों-सरपंचों को उनकी पावर और भूमिका का अहसास कराया। उन्होंने बताया कि पंच परमेश्वर कहलवाया है और सरपंच में खुदा बसता है। महाभारत के एक प्रसंग में उन्होंने बताया कि अच्छे को अच्छा कहने और बुरे को बुरा कहने से ही कलयुग का अंत होगा। इससे पूर्व आईजी ओपी सिंह ने सरपंचों को गांव के गवर्नर की संज्ञा देते हुए कहा कि सरपंच चाहें तो पुलिस को गांव में प्रवेश करने का मौका ना मिले।

मुझे गले में घंटी बांधने का शौक
डीजीपी ने कहा कि उन्हें गले में घंटी बांधने का शौक है, इसलिए वो सभी अपना मोबाइल नंबर दे रहे हैं जो 094160004464 है। किसी भी समस्या के शिकायत, समाधान के लिए उन्हें एसएमएस किया जा सकता है। इस मौके पर आईजी ओपी सिंह, डीसी एनके सोलंकी, एसपी ओपी नरवाल, नगर परिषद अध्यक्ष दर्शन नागपाल, गीता नांगली व सूबे सिंह समैण ने भी संबोधित किया।
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