फतेहाबाद। देश विरोधी पोस्ट शेयर करने के आरोपी मुश्ताक अहमद के खिलाफ पुलिस ने देशद्रोह की धारा भी जोड़ दी है। सोमवार को जूनियर डिवीजन के सिविल जज जोगेंद्र जांगड़ा की अदालत में आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई की गई, इस दौरान पुलिस ने मुश्ताक की जमानत का विरोध किया। अब मंगलवार को आरोपी को हिसार जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर सीजेएम की कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट में पुलिस आरोपी की रिमांड मांगेगी। पुलिस की ओर से आरोपी के बैंक खातों की जांच की जाएगी और फोन की कॉल डिटेल खंगाली जाएगी। आरोपी पाकिस्तान में किसी एजेंसी के संपर्क में था या नहीं, उसका भी रिमांड के दौरान पुलिस पता लगाएगी।
पुलिस यह पता लगाएगी कि आरोपी ने किस-किस देश की यात्रा की और कितने दिनों तक वह किस देश में रुका। पुलिस की ओर से फेसबुक को भी मेल की गई है। फेसबुक से आरोपी की आईडी का विस्तृत डाटा मांगा गया है। पता चला है कि पुलिस के संज्ञान में मामला आने के बाद आरोपी ने अपनी आईडी से देशविरोधी पोस्ट डिलिट कर दी थी। हालांकि भाजपा कार्यकर्ताओं ने फेसबुक आईडी पर डाली गई पोस्ट की वीडियो बना ली थी जो कि पुलिस के काम आई। पुलिस ने पेन ड्राइव में वह वीडियो अदालत में सबूत के तौर पर दिखाई है।
भाजपा दाधिकारियों की शिकायत पर दर्ज हुआ था मामला
भाजपा के जिला उपाध्यक्ष जगदीश शर्मा, विकास शर्मा नगर मंडल अध्यक्ष और नगर मंडल उपाध्यक्ष परमजीत बेनीवाल की शिकायत पर शहर पुलिस ने मुश्ताक अहमद के खिलाफ देश विरोधी पोस्ट शेयर करने के आरोप में मामला दर्ज किया था। अदालत ने आरोपी को 14 दिन के न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सोमवार को पुलिस की ओर से नई धारा जोड़ने के बाद अब आरोपी का दोबारा से रिमांड पर लिया जाएगा।
पुलिस ने ये दिया कोर्ट में तर्क
कोर्ट में जमानत को लेकर सुनवाई के दौरान पुलिस ने तर्क दिया है कि मुश्ताक से अभी कई बिंदुओं पर पूछताछ की जानी है। आरोपी के द्वारा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है। देश के सैनिकों का अपमान किया गया है।
बराला की सख्ती का हुआ असर
17 मई को तिरंगा यात्रा के दौरान राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला ने जवाहर चौक में मंच से पुलिस को सीधी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आरोपी ने देश के प्रधानमंत्री व गृहमंत्री का अपमान किया गया है। देश विरोधी पोस्ट डाली है। अगर किसी भी कर्मचारी ने इस मामले में आरोपी को बचाने का प्रयास किया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।