भूना। गांव चंद्रावल सरपंच पर ग्रामीणों ने पुरानी ईंटों की नीलामी न कर खुर्द-बुर्द करने आरोप लगाए हैं। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने उपायुक्त मनदीप कौर को दी है।
जबकि सरपंच ने आरोपों को नकारते हुए शिकायतकर्ताओं से जमीन पट्टा नीलामी की राशि नही देने और एक का पंचायती जमीन पर कब्जा किए हुए मकान गिरने की रंजिश में शिकायत करना बताया है।
चंद्रावल निवासी इंद्राज सिंह, रमेश कुमार, अजायब सिंह, रोहताश कुमार, मान सिंह, महाबीर सिंह व राधेश्याम आदि ने बताया कि पंचायत द्वारा चंद्रावल गांव के मोगा नंबर 14786 राइट जांडली सब-माइनर पर मनरेगा स्कीम के तहत आरसीसी पाइपलाइन डाली गई है। उपरोक्त खाल की लंबाई लगभग 25 एकड़ है और ईंटों से बना हुआ था।
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि खाल पर आरसीसी पाइपलाइन दबाने के लिए ईंटों को उखाड़ दिया गया। मगर सरपंच व ग्राम सचिव ने उपरोक्त खाल की ईंटों को स्टॉक में नहीं लिया और न ही खुली नीलामी और इन पुरानी ईंटों को खुर्द-बुर्द कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस बारे में जब आरटीआई से स्टॉक रजिस्टर, एमबी, प्राक्कलन की कॉपी तथा ईंटों की कीमत निर्धारण से संबंधित जानकारी मांगी तो पंचायत ने कोई रिकॉर्ड नहीं दिया।
वहीं, सरपंच शैलेंद्र कुमार ने आरोपों का झूठा बताते हुए कहा कि खाल की ईंट को खुर्द-बुर्द नहीं किया गया है। ईंटें गांव में रखी हुई हैं और स्टॉक रजिस्टर रिकॉर्ड में दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ताओं में कुछ लोग ऐसे हैं जिन्होंने पंचायत की उपजाऊ जमीन पट्टे पर लेकर राशि देने से मना कर दिया था। इनके खिलाफ कोर्ट में मामला विचाराधीन है। उसी रंजिश के चलते झूठी शिकायत देखकर उन्हें बदनाम कर रहे हैं।
सरपंच ने बताया कि इंद्राज नामक व्यक्ति ने फिरनी की जमीन पर मकान बनाकर कब्जा किया हुआ था। जिसको पंचायत अधिकारियों ने कुछ दिनों पहले ही मौके से मकान हटवा दिया। उसी रंजिश में वह भी झूठी कहानी रच रहे हैं। जबकि उन्होंने गांव में कोई भी विकास कार्यों में गलत काम नहीं किया है।