फतेहाबाद/टोहाना। जिले के पांच शहरों में सफाई कर्मचारियों की 22 दिन से चल रही हड़ताल से सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। टोहाना में कर्मचारियों ने वीरवार को नगर परिषद कार्यालय में कचरा फेंक दिया जबकि भूना में कचरा उठान पर हंगामा हुआ।
टोहाना में 22 मांगों को लेकर धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों का वीरवार को गुस्सा फूट पड़ा। कर्मचारियों ने नगर परिषद अध्यक्ष नरेश बंसल, कार्यकारी अधिकारी दीपक कुमार सहित अन्य अधिकारियों के कार्यालयों के बाहर और अंदर कचरा डाल दिया।
कर्मचारियों ने नगर परिषद सचिव, अकाउंट ब्रांच, बीआई कार्यालय, एसआई ब्रांच और प्रॉपर्टी आईडी ब्रांच सहित मुख्य कार्यालयों के बाहर भी कचरा डाल दिया। कर्मचारी नेता सुभाष और रविंद्र के नेतृत्व में कर्मचारियों ने नारेबाजी की।
कर्मचारियों ने डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाले टिप्पर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को एरिया के हिसाब से रोककर नगर परिषद परिसर में खड़ा करवा दिया था। उनका कहना था कि इससे ठेकेदार के वाहन कचरा उठाने के लिए नहीं चल सकेंगे।
कर्मचारियों के अनुसार वीरवार सुबह नगर परिषद प्रशासन पुलिस बल के साथ पहुंचा और सात गाड़ियों व बाइकों में आए पुलिसकर्मियों की मदद से वाहनों को बाहर निकलवा दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में कचरा डालकर विरोध जताया। उधर भूना में डोर-टू-डोर कचरा उठान के लिए गाड़ियां पहुंचने पर सफाई कर्मचारियों ने हंगामा किया।
कर्मचारियों के विरोध के चलते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कर्मचारी नेता सुभाष और रविंद्र ने कहा कि वे 22 दिन से अपनी मांगों के लिए धरना दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगें जायज हैं और प्रशासन को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
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फतेहाबाद में कर्मचारियों ने बाजार में मांगा समर्थन
नगरपरिषद फतेहाबाद कार्यालय में कर्मचारियों ने वीरवार को धरना दिया। कर्मचारियों के धरने को संबोधित करते हुए नगरपालिका कर्मचारी संघ के इकाई प्रधान नरेश राणा ने राज्य सरकार और निकाय मंत्री विपुल गोयल की कार्यशैली पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय, कराधान एवं आपदा प्रबंधन विभाग से जुड़े कर्मचारी लंबे समय से हड़ताल पर हैं जिससे आम जनता परेशान हो रही है लेकिन सरकार समाधान निकालने की जगह टकराव की नीति अपना रही है। धरने की अध्यक्षता करते हुए इकाई प्रधान नरेश राणा ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार हड़ताल समाप्त कराने के लिए गंभीर बातचीत करने के बजाय आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास क्यों कर रही है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक मांगों का सम्मानजनक समाधान नहीं होता उनकी हड़ताल जारी रहेगी।