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सीएम घोषणा के 5 करोड़ रुपये हांसी नप को ट्रांसफर, खजाना हुआ खाली, प्रधान बोले पार्षदों ने नहीं दिया साथ

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फतेहाबाद शहर। - फोटो : Fatehabad
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शहर में अब जल्द नए विकास कार्य नहीं होंगे और न ही कोई टेंडर लगने की संभावना है। नप का खजाना खाली हो गया है। सीएम घोषणा के नगर परिषद के खाते में जमा पांच करोड़ रुपये हांसी नगर परिषद को ट्रांसफर कर दिए है। पांच करोड़ की राशि ट्रांसफर करने के लिए नगर निकाय मुख्यालय से करीब पांच माह पहले आदेश आए थे। राशि को ट्रांसफर करने से रोकने के लिए नगर परिषद प्रधान जुटे हुए थे लेकिन सफल नहीं हो पाए। अधिकारियों और प्रधान के बीच खींचतान के चलते आखिरकार पांच करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर कर दी गई है। नप प्रधान ने इसका ठिकरा अधिकारियों और विरोधी पार्षदों पर फोड़ा है। प्रधान का कहना है कि अधिकारी भी उनके खिलाफ हो रहे है। ये ही नहीं नगर परिषद के पास केंद्र और राज्य सरकार से आई करीब 10.88 करोड़ रुपये की ग्रांट भी रिजर्व हो गई है। नए विकास कार्य के लिए नप के खजाने में अब बजट नहीं है।
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नप का प्रोजेक्ट न बना पाना रहा ट्रांसफर का कारण : शहर के थाना रोड पर करीब चार साल पहले बनकर तैयार हुई मल्टीपर्पज पार्किंग के लिए करीब 13.88 करोड़ रुपये आए थे। पार्किंग पर करीब साढ़े 8 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसके बाद ये राशि नप के पास ही जमा थी। नगर परिषद पांच करोड़ रुपये का शहर में नया प्रोजेक्ट नहीं बना पाया जिसे सीएम घोषणा में शामिल किया जा सके। इसके चलते नगर निकाय ने नगर परिषद के पास जमा पांच करोड़ रुपये की राशि को वापस मांग लिया।
खजाना खाली, नहीं लगेंगे नए टेंडर: पांच करोड़ रुपये हांसी नप को ट्रांसफर होने के बाद नगर परिषद फतेहाबाद का खजाना खाली हो गया है। नप की अगर बैलेंस शीट पर नजर डाले तो नए विकास कार्यों की जल्द शुरू होने की कोई उम्मीद नहीं है। केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से नप को करीब 10.88 करोड़ रुपये मिले थे। इसमें से 4.75 करोड़ रुपये चिल्ली झील पर खर्च होने है। 3.25 करोड़ रुपये डंपिग साइट से कचरा उठाने के काम पर खर्च होने है। एक करोड़ रुपये अरोड़वंश धर्मशाला रोड के निर्माण पर खर्च होने है। 80 लाख से फुटपाथ बनने है। 78 लाख रुपये फिलहाल जो कार्य चल रहे है उन पर खर्च होने है। ये राशि रिजर्व हो चुकी है। इसके बाद अब नप के पास नए प्रोजेक्ट के लिए रुपये नहीं है।
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शहर के विकास के लिए बजट नहीं है, टेंडर नहीं लग रहे है। प्रधान को पांच करोड़ रुपये
मुख्यालय से अनुमति लेकर शहर के विकास पर खर्च करने चाहिए थे। प्रधान की लापरवाही से राशि ट्रांसफर हई है। - सोनू कुक्कड़, पार्षद प्रतिनिधि।
पांच करोड़ रुपये हांसी नप को ट्रांसफर कर दिए है। पार्षदों ने मेरा साथ नहीं, काम नहीं करवाना चाहते है। मेरे खिलाफ ही लिख रहे है। मैं अकेला लड़ाई नहीं लड़ सकता हूं। - दर्शन नागपाल, नप प्रधान
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शहर के विकास कार्य में कमी नहीं आने दी जाएगी। सरकार के पास बजट की कोई कमी नहीं है। - दुड़ाराम, विधायक।
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