फतेहाबाद। नगर परिषद में सोमवार को वर्ष 2023-24 के बजट को लेकर बैठक हुई। बैठक प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची की मौजूदगी में हुई। बैठक में उपप्रधान सविता टुटेजा समेत 17 पार्षद पहुंचे जबकि 10 आए ही नहीं। बैठक में मौजूद पार्षदों की मौजूदगी में 36 करोड़ 26 लाख रुपये का बजट पास किया गया। इसमें शहर की सड़कों पर 10 करोड़ रुपये खर्च होगा। नगर परिषद ने एमसी फंड से 18 करोड़ 16 लाख रुपये और एसएफसी से 14 करोड़ 32 लाख और सीएफसी से 3 करोड़ 76 लाख आय का अनुमान लगाया है।
नगर परिषद के पास ओपनिंग बैलेंस 46 करोड़ 77 लाख रुपये है। ऐसे में नगर परिषद ने 35 करोड़ 95 लाख रुपये खर्च का अनुमान लगाया है जिसमें 10 करोड़ रुपये सड़कें बनाने और उनकी मरम्मत पर खर्च किए जाएंगे। 27 वार्डों में पांच करोड़ से सड़कों की मरम्मत के प्रस्ताव पहले से पास हो चुके हैं। पिछले वित्त वर्ष में नगर परिषद ने 23 करोड़ 79 लाख रुपये खर्च किए हैं। जबकि बजट 29 करोड़ 75 लाख रुपये पास किया गया था। बैठक में पार्षदों के अलावा ईओ ऋषिकेश चौधरी, कार्यकारी अभियंता अमित कौशिक, लेखा अधिकारी सुरेंद्र रोहिल्ला, लेखाकार नवीन भाटिया आदि मौजूद थे।
नाइट स्वीपिंग मशीन नहीं होगी बंद, 54 लाख पास
नगर परिषद में बजट बैठक के दौरान कुछ पार्षदों ने नाइट स्वीपिंग मशीन को लेकर हंगामा किया। पार्षद निर्मल सिवाच ने कहा कि 9 माह से मशीन को बंद करने के लिए मांग रहे हैं फिर भी बंद नहीं की गई और अब फिर बजट में प्रावधान रखा गया है। नाइट स्वीपिंग मशीन को लेकर कई पार्षद पक्ष में दिखे। इसके चलते नए वित्त वर्ष को लेकर नाइट स्वीपिंग मशीन के लिए 54 लाख रुपये का बजट पास किया गया। पिछले साल 42 लाख 35 हजार रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
सफाई पर नगर परिषद खर्च करेगा 3.71 करोड़ रुपये
नगर परिषद ने सफाई को लेकर बजट दोगुना किया है। पिछले वित्त वर्ष में सफाई पर नगर परिषद ने 1 करोड़ 28 लाख रुपये खर्च किए थे जबकि इस बार 3 करोड़ 71 लाख रुपये का बजट रखा गया है। डोर टू डोर पर 2 करोड़ रुपये, गाडिय़ों की मरम्मत पर 6 लाख रुपये, सफाई कर्मियों के पीपीपी किट व अन्य सामान के लिए 20 लाख रुपये, शौचालयों की मरम्मत पर 23 लाख रुपये, नगर परिषद सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की जमीन को लेकर सात लाख रुपये किराए के लिए खर्च करेगा।
गृहकर से चार करोड़ रुपये आय का अनुमान
नगर परिषद ने नए वित्त वर्ष में गृहकर से चार करोड़ रुपये आय का अनुमान रखा है। जबकि पिछले वित्त वर्ष में 1 करोड़ 34 लाख रुपये गृहकर आया जबकि 4.50 करोड़ का अनुमान था। वर्ष 2021-22 में नगर परिषद 16 करोड़ 72 लाख रुपये गृहकर मिला था। दुकानों के किराए से एक करोड़ रुपये आय का अनुमान रखा गया है जबकि पिछले वित्त वर्ष में 46 लाख 56 हजार रुपये आय हुई।
दुकानें बेचकर नप को हुई साढ़े तीन करोड़ की आय
नगर निकाय की नई पॉलिसी के तहत किरायेदारों को मालिकाना हक देने से नगर परिषद को पिछले वित्त वर्ष में 3 करोड़ 51 लाख की आय हुई है जबकि 4 करोड़ रुपये नए वित्त वर्ष में आय का प्रावधान रखा गया है।
स्टेशनरी पर खर्च कर दिए 12 लाख रुपये
नगर परिषद में पिछले वित्त वर्ष में स्टेशनरी पर 12 लाख रुपये खर्च कर दिए जबकि बजट में दो लाख का प्रावधान था। इस बार फिर नगर परिषद ने स्टेशनरी के लिए 10 लाख का प्रावधान रखा है।
स्ट्रीट लाइट बिल पर खर्चे 35 लाख रुपये
नगर परिषद ने स्ट्रीट लाइट बिल पर पिछले वित्त वर्ष में 35 लाख रुपये खर्च किए हैं जबकि वर्ष 2023-24 के लिए बिजली बिल को लेकर 40 लाख का बजट पास किया गया है।
नगर परिषद 2023-24 का बजट
वर्ष 2023-24 का ओपनिंग बैलेंस - 46 करोड़ 77 लाख
एमसी फंड से आय का अनुमान - 18 करोड़ 46 लाख
एसएफसी से आय अनुमान - 14 करोड़ 32 लाख
सीएफसी से आय अनुमान - 3 करोड़ 76 लाख
कुल आय - 83 करोड़ 4 लाख
विकास कार्य व अन्य पर अनुमानित खर्च - 35 करोड़ 95 लाख
टेंडर के वर्क ऑर्डर न होने पर हंगामा
नगर परिषद की बजट बैठक में टेंडर के वर्क ऑर्डर न होने पर पार्षद मोहनलाल नारंग ने हंगामा किया। नारंग ने कहा कि बंदरों को पकड़ने को लेकर टेंडर हो चुका है लेकिन वर्क ऑर्डर नहीं दिया जा रहा है। इस पर ईओ ऋषिकेश चौधरी ने कहा कि डीएमसी के पास मंजूरी के लिए फाइल भेजी गई है। नारंग ने कहा कि हर माह हाउस की बैठक बुलाई जाए। इस पर ईओ ने कहा कि बैठक बुलाई जाएगी की सहमति मिल जाए। पार्षदों ने कम्युनिटी सेंटर, शौचालयों और स्ट्रीट लाइट मरम्मत के टेंडर न होने पर भी हंगामा किया।
नगर परिषद में सोमवार को बजट बैठक बुलाई गई है। बैठक में बजट पास किया गया है। नगर परिषद के पास बजट की कोई कमी नहीं है। पार्षदों को कहा गया है कि वह अपने वार्ड में विकास कार्यों में कमी न रहने दें।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान, नगर परिषद