रोडवेज संयुक्त कर्मचारी एसोसिएशन के नेता संदीप जांडली, शिवकुमार श्योरण, विजय नागपुर, दीपक बल्हारा, सतेंद्र कुमार, नरेश गोरिया, विरेंद्र कुलेरी व बलबीर चिकनवास ने बताया कि सरकार को 16 सूत्री मांगों का एक ज्ञापन पहले दिया गया था, लेकिन सरकार इस पर गौर नहीं कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने हिट एंड रन का नया कानून लागू किया है, जोकि ठीक नहीं है।
कोई भी चालक किसी की जान लेने को बस या वाहन नहीं चलाता। यह कानून एक तरह से चालकों को हताश व परेशान करने के लिए बनाया गया है। सरकार को तुरंत इस कानून को वापिस लेना चाहिए। इसके अलावा कर्मचारियों को 7 साल का बोनस नहीं मिला है। जोखिम भत्ता भी सरकार नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि जिले में किलोमीटर स्कीम के तहत 20 बसें चल रही हैं, जिसे बंद करना चाहिए।
निजी ठेकेदार इन बसों का संचालन ऐसे चालकों के हाथ में दे रहे हैं, जो पूरी तरह से प्रशिक्षित नहीं हैं। उनको 5 से 10 हजार रुपये में रखकर बसों का संचालन करवाया जा रहा है, जिससे हादसों का खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि कई बार किलोमीटर स्कीम की बस दुर्घटनाग्रस्त होती है तो बात रोडवेज निगम पर आ जाती है, क्योंकि लोगों को तो यह बसें रोडवेज की ही लगती हैं, इसलिए किलोमीटर स्कीम को बंद करके रोडवेज में नई भर्तियां की जाए। उन्होंने कहा कि 1993 से 2024 तक भर्ती कच्चे कर्मचारियों को आज तक पक्का नहीं किया गया है, जिस कारण यह कर्मचारी आर्थिक रूप से काफी तंग हैं। इनको समय पर वेतन भी नहीं मिल रहा है।
भिवानी में भी रोडवेज कर्मचारियों की बुधवार को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल ने परिवहन सेवाएं पायदान पर ला दी। ठिठुरती ठंड में प्राइवेट बसों के पायदान पर लटककर मुसाफिरों ने सफर किया वहीं विद्यार्थी भी घर से जोखिम भरा सफर कर कॉलेज पहुंचे। रोडवेज कर्मचारियों ने कर्मशाला के बाहर अल सुबह चार बजे ठिठुरती ठंड में धरना दिया।
हरियाणा रोडवेज की 210 बसों को हड़ताली कर्मचारियों ने कर्मशाला से बाहर नहीं निकलने दिया। कर्मचारियों के आक्रोश को देखते हुए कर्मशाला के बाहर पुलिस बल भी तैनात रहा। वहीं बस स्टैंड पर सन्नाटा पसरा रहा। शहर के चौक चौराहों पर यात्रियों की भीड़ जुटी और प्राइवेट वाहनों में अव्यवस्था का सफर किया। कस्बाई व ग्रामीण इलाकों से भी विद्यार्थी निजी बसों के पायदान पर लटककर शहर में कॉलेज पहुंचे। हड़ताल में निजी बस सोसायटी शामिल नहीं हुई। जबकि इक्का दुक्का रोडवेज बसों को कर्मशाला से निकाला गया। बुधवार सुबह भिवानी से पंचकूला, दिल्ली, चंडीगढ़ सहित दूसरे राज्यों में जाने वाली लंबी दूरी की बसें नहीं चली।