फतेहाबाद। हरियाणा ग्रामीण विकास योजना के तहत जिले के 25 गांवों में 5 करोड़ 92 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत 28 विकास कार्य पूरे हो गए हैं। ग्राम पंचायतों और सरपंचों के खातों में सीधे अनुदान पहुंचने से निर्माण कार्य समय पर पूरे हुए और पारदर्शिता भी बढ़ी।
प्रदेश सरकार ने ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रक्रिया में बदलाव करते हुए विकास राशि सीधे ग्राम पंचायतों और सरपंचों के खातों में भेजी। इस व्यवस्था से प्रशासनिक स्तर पर होने वाली देरी कम हुई और निर्माण कार्यों में तेजी आई। जिले के 25 गांवों में स्वीकृत सभी 28 परियोजनाएं निर्धारित अवधि में पूरी कर ली गईं।
योजना का उद्देश्य किसानों के लिए खेतों तक आवागमन आसान बनाना और सिंचाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाते हुए पानी की हर बूंद का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। नई व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति बढ़ी है और पंचायतों की जवाबदेही भी मजबूत हुई है।
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खेतों के रास्ते और सिंचाई व्यवस्था हुई दुरुस्त
विकास कार्यों के तहत गांवों में खेतों के कच्चे रास्तों को पक्का करने के साथ-साथ सिंचाई व्यवस्था को आधुनिक बनाया गया है। पुराने और कच्चे खालों की जगह आरसीसी की पाइप लाइन बिछाई गई है। माइनर व मोगे से सिंचाई और पानी की निकासी के लिए आरसीसी पाइपलाइन निर्माण से पानी के रिसाव की समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है जिससे टेल पर स्थित किसानों के खेतों तक भी पर्याप्त पानी पहुंच रहा है। गांव चिंदड़ के सरपंच सुमित गोदारा ने बताया कि पंचायतों को सीधे फंड ट्रांसफर करने से ग्रामीण विकास को एक नई गति मिली है। इससे समय की बचत हुई है, और विकास कार्यों की गुणवत्ता भी सुधरी है।
इन 25 गांवों में पूरे हुए विकास कार्य
योजना के तहत जिले के ढाणी मियाखां, बडोपल, बीघड़ व बीघड़-2, काजल हेड़ी, कुम्हारिया, चिंदड़, सालमखेड़ा, चबलामोरी, धांगड़, धारनियां, खजूरी जाटी, ढाणी माजरा, मोहम्मदपुर रोही-1 व मोहम्मदपुर रोही-2, ढाबी खुर्द, बोदीवाली, मेहुवाला, किरढ़ाण, सिरढ़ाण, शेखुपुर दड़ौली, सुलीखेड़ा, ढाण्ड, दैयड़, खासा पठाना और दहमान में निर्माण कार्य पूरे कर ग्रामीणों व किसानों को राहत दी गई है।
:: हरियाणा ग्रामीण विकास योजना के तहत इस बार मुख्यालय से सीधी सरपंचों के खातों में राशि डाली गई थी। जिससे विभिन्न प्रकार के 21 लाख से कम विकास कार्य करवाए गए हैं।
- सुशील मंगला, बीडीपीओ, फतेहाबाद।