फतेहाबाद। जिला रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटीज ने गुरु सिंह सभा के आगामी चुनावों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। सभा में कथित वित्तीय अनियमितताओं और सदस्यों को मनमाने ढंग से सूची से बाहर करने के आरोपों के बाद यह कार्रवाई हुई है।
मामले की जांच के लिए अधिकारी नियुक्त किया गया है। सात याचिकाकर्ताओं जसविंदर सिंह, अमरजीत सिंह, जसपाल सिंह, भूपिंदर सिंह, मनदीप सिंह, पलविंदर सिंह और सौरभ कुमार ने संयुक्त याचिका दायर की थी। उन्होंने 2026 के चुनाव की सदस्यता और मतदाता सूची से अपने नाम हटाए जाने पर आपत्ति जताई।
याचिकाकर्ताओं के अनुसार 2023 के पिछले चुनाव में उनसे सदस्यता शुल्क लिया गया था। इसके बावजूद 2026 की सूची में उनके नाम नहीं रखे गए। उन्होंने आरोप लगाया कि वास्तविक सदस्यों को जानबूझकर चुनाव प्रक्रिया से बाहर किया जा रहा है।
उन्होंने सभा के कामकाज में पारदर्शिता की कमी का आरोप भी लगाया गया। इसके अलावा 30 से 35 लाख रुपये के कथित गबन का आरोप लगाया गया है। जिला रजिस्ट्रार ने प्रथम दृष्टया सभा के शासन और वित्तीय मामलों में गंभीर गड़बड़ी पाई है।
आदेश में कहा गया कि सदस्यों को मनमाने ढंग से बाहर करने और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप गंभीर हैं। ऐसी स्थिति में मौजूदा सदस्यता सूची के आधार पर चुनाव कराना उचित नहीं होगा। जांच के लिए संदीप आईईओ को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
रजिस्ट्रार ने यह कार्रवाई हरियाणा पंजीकरण एवं विनियमन सोसाइटीज अधिनियम, 2012 के तहत की है। गुरु सिंह सभा के प्रधान अजीत सचदेवा ने कहा कि वह बाहर थे और उन्हें इस कार्रवाई की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।
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इस मामले में तीन से चार तरह के अलग-अलग आरोप थे। जांच के चलते चुनाव पर रोक लगाई गई है। जब तक जांच नहीं होती है तब तक रोक रहेगी है। जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है।
- गौरव शर्मा, जिला रजिस्ट्रार