फतेहाबाद। जन्म के समय गंभीर बीमारी के साथ पैदा होने वाले 51 बच्चों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला आरंभिक हस्तक्षेप केंद्र ने नई जिंदगी दी है। दिल में छेद, रेटिनो पैथी ऑफ प्री मैच्योरिटी जैसी गंभीर बीमारियों का उपचार करवाकर चेहरे पर मुस्कान दी है। जन्म दोष विकार के साथ पैदा हुए 51 बच्चों का ऑपरेशन करवाकर जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा है।
इन बच्चों के उपचार पर जिला आरंभिक हस्तक्षेप केंद्र की तरफ से करीब 16 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। बच्चों के जयपुर, रोहतक, फरीदाबाद, भिवानी, हिसार, चंडीगढ़ में निशुल्क ऑपरेशन करवाए गए है। इसमें दिल में छेद जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त बच्चे भी शामिल है, जो कि मोबाइल हेल्थ टीम की स्क्रीनिंग में सामने आए थे। आरबीएसके यानि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूलों में जाकर बच्चों की जांच करती है, यहां स्क्रीनिंग में गंभीर बीमारी से पीड़ित मिले बच्चों को जिला आरंभिक हस्तक्षेप केंद्र में भेजा जाता है। यहां से बच्चों के उपचार की प्रक्रिया शुरू होती है। बच्चों के उपचार करवाने में जिला आरंभिक हस्तक्षेप केंद्र के मैनेजर माया देवी, फीजियोथैरेपिस्ट डॉ. हिमांशु ठकराल, स्पेशल एजुकेटर सुभाष और सहायक कमलेश रानी की अहम भूमिका रही है।
रेटिनो पैथी ऑफ प्री मैच्योरिटी
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 15 ऑपरेशन मोतियाबिंद और रेटिनो पैथी प्री मैच्योरिटी के करवाए गए हैं। 9 माह से पहले जन्म लेने वाले शिशुओं की आंखों में ये रोग होता है। इसमें शिशु के अंधा होने का खतरा रहता है। भिवानी के धीर अस्पताल में ऑपरेशन करवाए गए हैं।
शिशुओं के होंठ व तालू का कटा होना
जन्म के समय जिन शिशुओं के होंठ व तालू कटे होते है उनका उपचार आरबीएस के द्वारा करवाया जाता है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 8 बच्चों के ऑपरेशन हिसार के स्माइल अस्पताल में करवाए गए हैं।
पैर टेढ़े-मेढ़े होना
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 7 ऐसे बच्चों का उपचार करवाया गया है, जिनके पैर टेढ़े होते हैं। इसके अलावा जन्म के समय कमर में फोड़ा होने के 2 बच्चों का उपचार करवाया गया है।
19 बच्चों का हुआ दिल के छेद का ऑपरेशन
जिला आरंभिक हस्तक्षेप केंद्र की तरफ से दिल में छेद की बीमारी से ग्रस्त 19 बच्चों का ऑपरेशन करवाया गया है। ये ऑपरेशन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से निशुल्क हुआ है। विभाग पैनल में शामिल एशियन इंस्टीच्यूट फरीदाबाद, ओआरजी अस्पताल फरीदाबाद और नारायण हद्यालय में ऑपरेशन करवाता है।
निजी में पढ़ रहे बच्चों को भी मिलेगी सहायता
स्वास्थ्य विभाग का जिला आरंभिक हस्तक्षेप केंद्र अब तक सरकारी स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों का उपचार करवा रहा था, लेकिन अब निजी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों का भी उपचार करवाया जाएगा। लेकिन इसमें शर्त यह होगी कि वह बच्चा आर्थिक रूप से कमजोर होना चाहिए।
जिला आरंभिक हस्तक्षेप केंद्र की तरफ से गंभीर बीमारी से पीड़ित 51 बच्चों के ऑपरेशन करवाए गए हैं। प्रदेश में जिला दूसरे स्थान पर रहा है। जन्म के समय गंभीर बीमारी के साथ पैदा हुए बच्चों का राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत उपचार करवाया जाता है।
- माया देवी, मैनेजर, जिला आरंभिक हस्तक्षेप केंद्र।