फतेहाबाद। जिले में राशन वितरण व्यवस्था को तेज करने के लिए लागू की गई नई 5जी मशीनें ने काम नहीं कर पा रही है। कई क्षेत्रों में मशीनों में नेटवर्क नहीं आ रहा है तो कुछ क्षेत्रों में काम ही नहीं कर रही है। नेटवर्क समस्या के कारण अंगूठा सत्यापन में देरी हो रही है।
नेटवर्क न आने पर लाभार्थी व डिपो संचालकों को पहले से ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी रही है। कई डिपो संचालकों ने पुरानी मशीनों को नई व्यवस्था से ज्यादा तेज बताया। जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नई मशीनें लागू की गई है। कई शहरी व ग्रामीण इलाकों में मशीनें नेटवर्क नहीं पकड़ पा रही है। इस वजह से राशन वितरण की गति धीमी हो गई और लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
65 साल की उम्र वालों की नहीं चली मशीनें
जिले में कुल 31 ऐसे डिपो संचालक हैं। इनकी उम्र 65 वर्ष हो गई है। सरकार की ओर से राशन वितरण के लिए किए गए बदलाव के अनुसार 65 वर्ष की उम्र के डिपो संचालकों को बंद किया जाए। सरकार के आदेशों के अनुसार विभाग की ओर से इन मशीनों को बंद किया जाना था लेकिन बाद में इनको बदल दिया गया। जिस कारण कुछ मशीनों के डेटा मिलान नहीं हो सका और मशीनें शुरू नहीं हो सकी।
वाई-फाई से चला रहे मशीनें
सरकार की ओर से साल 2017 में दी गई 2जी मशीनों को बदल को अब 5जी तो कर दिया है लेकिन नेटवर्क की समस्या पहले की तरह बनी हुई है। डिपो संचालकों का कहना है कि सुबह मशीन चालू करने के बाद कई बार आधे घंटे तक नेटवर्क नहीं आता जिस कारण मशीनों को वाई-फाई से जोड़कर चलाना पड़ता है। अंगूठा लगाने के बाद उपभोक्ता का रिकॉर्ड खुलने में काफी समय लग रहा है। इससे एक व्यक्ति को राशन देने में कई मिनट लग रहे हैं और डिपो पर भीड़ बढ़ती जा रही है।
नाम न छापने पर शहर की एक डिपो संचालिका ने बताया कि पुरानी मशीनें कमजोर नेटवर्क में भी आसानी से चल जाती थीं लेकिन नई 5जी मशीनें इंटरनेट की स्पीड मांग रही हैं। मशीनों में दिए गए सिमकार्ड सही से काम नहीं कर रहे हैं।
जिले में सभी राशन डिपो पर उपलब्ध 5जी मशीनें चला दी गई है। जिन मशीनों में नेटवर्क की समस्या है उन्हें जल्द ही दुरुस्त करवा दिया जाएगा। इसके अलावा जो मशीनें बंद थी। उन्हें भी शुरू करवा दिया गया है।
- कुशलपाल बूरा, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, फतेहाबाद।