रतिया। किसान आंदोलन के चलते पिछले 42 दिन से बंद किए गए रतिया बुढ़लाडा रोड पर पंजाब बॉर्डर को प्रशासन द्वारा शनिवार दोपहर बाद खोल दिया गया। डीएसपी वीरेंद्र सिंह के अगुवाई में पुलिस प्रशासन पिछले तीन दिनों से जेसीबी की सहायता से रोझांवाली नाके पर लगाई गई आठ लेयर की मजबूत नाकेबंदी को खोलने में लगा हुआ था।
नाकेबंदी की प्रक्रिया इतनी मजबूत बनाई गई थी कि प्रशासन को इसे खोलने में 3 से 4 दिन लग गए। शनिवार दोपहर बाद प्रशासन ने इसे आवागमन के लिए पूरी तरह खोल दिया, इसके बाद वहां से वाहनों का आना-जाना शुरू हो गया। ज्ञात रहे की प्रशासन द्वारा किसानों के दिल्ली कूच को रोकने के लिए 9 फरवरी को ही रतिया-बुढ़लाडा रोड पर रोझांवाली-बरेटा ड्रेन पर आठ लेयर की नाकेबंदी करके रास्ते को बंद कर दिया था तथा पंजाब की तरफ से आने वाले रास्ते कि साइड सड़क को तोड़कर करीब 12 फुट गहरा गड्ढा भी खोदा गया था। जिसके चलते पिछले 42 दिनों से लोगों का पंजाब में जाना मुश्किल हो गया था। प्रशासन ने 20 मार्च से जेसीबी की सहायता से रतिया-बुढ़लाडा रोड रोझांवाली नाके को खोलने की प्रक्रिया को शुरू किया गया था तथा 3 दिन बाद शनिवार दोपहर बाद रास्ते को पूरी तरह खोल दिया गया।