फतेहाबाद की पुरानी ओबीसी वाली गली में नप कर्मचारियों द्वारा तोड़े गए रैंप।
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नगर परिषद ने लोक अदालत के आदेश पर पुराने ओबीसी बैंक वाली गली और पुरानी सब्जी मंडी के साथ लगती गली में मकान मालिकों द्वारा बनाए गए रैंप, चबूतरों और सीढ़ियों को तोड़ दिया। नगर परिषद अब इस तोड़ी गई जगह पर गली को चौड़ा करेगी। एडवोकेट राजेंद्र वर्मा की याचिका पर लोक अदालत ने नगर परिषद को अतिक्रमण तोड़ने का आदेश दिया था।
एडवोकेट राजेंद्र वर्मा ने स्थायी लोक अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि ठाकर बस्ती व ओबीसी बैंक वाली गली में दुकानदारों व स्थानीय निवासियों ने गली में अवैध निर्माण कर गली को संकरा कर दिया है। इससे आवागमन ठप हो गया है। अदालत ने नगर परिषद को निर्देश देकर रिपोर्ट मांगी थी। नगर परिषद ने 50 लोगों की सूची सौंपकर अदालत को बताया कि लोगों ने रैंप, खोखा, तख्तपोश, चबूतरा, थड़ा आदि बनाकर रोड पर कब्जा किया हुआ है। इसके बाद स्थायी लोक अदालत ने नगर परिषद को ठाकर बस्ती से बाल भवन व ओबीसी के साथ लगती गली में अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए। नगर परिषद ने एक साल पहले भी संबंधित दुकानदारों एवं मकान मालिकों को नोटिस दिए थे, लेकिन इसके बाद नगर परिषद के अधिकारी भी शांत होकर बैठ गए और दुकानदारों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। पिछले माह कोर्ट ने इस मामले में अवमानना का नोटिस जारी कर नगर परिषद अधिकारियों से पांच मई तक स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी। इस नोटिस के बाद नगर परिषद अधिकारी हरकत में आए और उन्होंने कब्जाधारियों को फिर से नोटिस देकर बाकायदा वीडियोग्राफी भी कराई। इसके बाद भी जब कब्जाधारियों ने खुद अतिक्रमण नहीं हटाया तो बुधवार को नगर परिषद ने कार्रवाई की। वहीं, दुकानदारों एवं मकान मालिकों ने नगर परिषद के इस अभियान को भेदभावपूर्ण बताया है। उनके अनुसार पूरे शहर में इस प्रकार की थलियां और रैंप बने हुए हैं, लेकिन नगर परिषद के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं देते।
कोर्ट के आदेश पर पुरानी ओबीसी बैंक वाली गली में रैंप और थलियां तोड़ी गई हैं। अब इस गली को चौड़ा करने का काम किया जाएगा।
सुमित चोपड़ा, जेई, नगर परिषद, फतेहाबाद