क्षेत्र के बहुचर्चित नरेश बैजलपुर हत्याकांड के तीनों मोस्टवांटेड आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया है। पुलिस ने आरोपी राकेश, रोहताश और मेवा सिंह के कब्जे से तीन पिस्तौल और 25 कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने कुछ दिन पहले ही इन आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इन आरोपियों पर एक दर्जन से अधिक मामले पहले से ही चल रहे हैं। पुलिस को कई मामलों में इन आरोपियों की तलाश थी और इनकी गिरफ्तारी से अन्य कई वारदात का खुलासा होने की संभावना है।
रतिया सदर थाने में एएसपी गंगाराम पूनियां ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस को विभिन्न मामलों में मोस्टवांटेड तीन बदमाशों के रतिया की ओर आने की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस ने स्पेशल स्टाफ के एएसआई महाबीर सिंह, कृष्ण लाल, हेड कांस्टेबल प्रदीप गोस्वामी, मेजर सिंह, कुलदीप के नेतृत्व में हैफेड के समीप नाकेबंदी कर दी। कुछ देर बाद फतेहाबाद की ओर से एक बिना नंबर की बाइक आती दिखाई दी, जिस पर तीन युवक सवार थे। पुलिस ने उनको रुकने का इशारा किया तो चालक बाइक को वापस मोड़ने लगा। पुलिस ने आरोपियों को वहीं दबोच लिया और उनकी तलाशी ली। आरोपियों के कब्जे से 32 बोर के दो पिस्तौल और सात कारतूस तथा 315 बोर की एक पिस्टल व 18 कारतूस बरामद हुए। एएसपी पूनियां ने बताया कि जांच में सामने आया कि इन तीनों पर ढाणी भोजराज निवासी नरेश मर्डर केस मामले में 5-5 हजार रुपये का इनाम रखा गया था। पुलिस ने तीनों युवकों से बरामद असलाह व बाइक को जब्त कर लिया। जांच में पता चला कि तीनों युवक बैजलपुर निवासी नरेश की हत्या के आरोपी हैं।
नरेश हत्याकांड में प्रयुक्त हथियार बरामद नहीं
एएसपी ने बताया कि नरेश हत्याकांड में तीनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। इस वारदात के अलावा भी उक्त तीनों आरोपी कई अन्य मामलों में भी नामजद हैं। गिरफ्तार आरोपियों में से मुखी पर लूटपाट, अवैध असलाह सहित चार अन्य मुकदमें दर्ज हैं। रोहताश पर पहले से नौ केस चल रहे हैं। तीसरे आरोपी मेवा सिंह पर भी तीन मुकदमे दर्ज हैं। एएसपी पूनियां ने बताया कि अभी तक हत्या के प्रयुक्त हथियार बरामद नहीं हुआ है, जिसके लिए पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। उन्होंने युवकों के पास बरामद बाइक भी चोरी की होने की आशंका जताई है। क्योंकि पुलिस को भादरा गांव के पास बाइक चोरी होने की सूचना मिली थी। एएसपी ने बताया कि तीनों आरोपियों को वीरवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा और पूछताछ की जाएगी। पूछताछ में कई अन्य वारदात का खुलासा होने की संभावना है। इस अवसर पर स्पेशल स्टाफ प्रभारी अनूप सिंह, रतिया सदर थाना प्रभारी पुष्पा सिहाग सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
यह था नरेश हत्याकांड
11 मार्च 2017 को ढाणी भोजराज निवासी नरेश और उसका साथी लाला कार में सवार होकर ढाणी भोजराज से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान सामने से तीन युवकों मेवा सिंह, मुकेश और रोहताश गाड़ी के सामने आ गए। उनको देखकर नरेश ने गाड़ी भगाने की कोशिश की तो तीनों आरोपियों ने उन पर गोलियां चला दी। आरोपियों ने छह-सात गोलियां चलाईं, जिसमें तीन गोलियां नरेश को लगीं जबकि दो गोलियां साथ बैठे टिंकू को लगी थी। इसी दौरान आरोपियों ने गाड़ी की पिछली सीट पर बैठे लालचंद को भी पिस्तौल का बट मारा। आरोपियों के भागने के बाद आसपास के लोगों ने तीनों को पहले भूना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व बाद में फतेहाबाद के सामान्य अस्पताल में भिजवाया, जहां पर नरेश को मृत घोषित कर दिया गया था, जबकि टिंकू की गंभीर हालत के चलते उसे अग्रोहा मेडिकल में रेफर कर दिया था। हमला करने के बाद तीनों आरोपियों ने वहां से गुजर रहे दो बाइक सवारों से पिस्तौल की नोंक पर दो बाइक छीनी थी और मौके से फरार हो गए।
शराब और अन्य धंधों के कारण थी रंजिश
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक नरेश और आरोपियों के बीच पुराना विवाद चलता आ रहा था। दरअसल ग्रामीण शुरू से ही इस मामले को गैंगवार के रूप में देख रहे थे। बताया गया है कि नरेश का अपना अलग गुट था और आरोपियों का अलग। दोनों गुट इस इलाके में शराब का धंधा करते थे और एक दूसरे को नीचा दिखाने और दुश्मनी का कोई मौका नहीं छोड़ते थे। 11 मार्च को भी कुछ ऐसा हुआ और इस बार नरेश और टिंकू इस गैंगवार का शिकार हो गए।