समैन। गांव समैन स्थित राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला में तीन कमरों की जर्जर छत छात्राओं की सुरक्षा के लिए खतरा बनी हुई है। बारिश का पानी रिसने से छत और दीवारों में बड़ी दरारें आ गई हैं।
स्कूल में कक्षा पहली से पांचवीं तक 55 छात्राएं पढ़ रही हैं। इनके लिए तीन अध्यापक हैं। इनमें दो नियमित और एक अतिथि अध्यापक शामिल हैं। छात्राओं की संख्या के हिसाब से अध्यापकों की संख्या पर्याप्त है।
स्कूल भवन में कुल सात कमरे हैं। इनमें तीन कमरों की छत की हालत बेहद खराब है। बारिश के दौरान छत के ऊपरी हिस्से में पानी जमा हो जाता है। पानी धीरे-धीरे छत से रिसकर कमरों के अंदर पहुंचता है। लगातार नमी के कारण छत और दीवारों की दरारें बढ़ रही हैं।
हादसे की आशंका देखते हुए स्कूल प्रशासन ने तीनों कमरों में कक्षाएं बंद कर दी हैं। फिलहाल छात्राओं की कक्षाएं अन्य कमरों में लगाई जा रही हैं। इससे उपलब्ध कमरों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।
स्कूल प्रशासन ने जर्जर कमरों की स्थिति की जानकारी शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को दी है। विभाग के कनिष्ठ अभियंता ने भी कमरों का निरीक्षण किया है। अधिकारियों के अनुसार मरम्मत का कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा।
-राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला के जर्जर कमरों की जानकारी विभाग के उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। विभाग के जेई कमरों का निरीक्षण कर चुके हैं। जल्द ही मरम्मत का काम शुरू कराया जाएगा।
- सुशील कुमार गुप्ता, प्रिंसिपल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, समैन