फतेहाबाद। खरीद के पहले दिन फतेहाबाद की अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों में करीब 35 हजार 959 क्विंटल धान पहुंचा लेकिन एजेंसियों ने धान में 17 फीसदी से अधिक नमी होने के कारण खरीद नहीं की। ऐसे में पहले दिन ही जिले में धान की खरीद नहीं हो पाई।
खरीद न होने से मंडियों में परमल धान की ढेरियां लगी हुई हैं। इसके कारण किसानों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं, जिले की कुल 261 राइस मिलों में से अब तक केवल पांच का ही पंजीकरण हुआ है। जिले में धान की खरीद के लिए तीन एजेंसी फूड सप्लाई विभाग, हैफेड और हरियाणा वेयर हाउस नियुक्त की गई है। इसके लिए 7 अनाज मंडी सहित कुल 50 खरीद केंद्र बनाए गए है।
इस बार धान का सरकारी मूल्य 2431 रुपये निर्धारित किया गया है। मंगलवार को खरीद का पहला दिन होने के कारण किसान करीब 35 हजार 959 क्विंटल धान लेकर अनाज मंडियों में पहुंचे। इसके लिए मार्केट कमेटी ने जिलेभर में बने खरीद केंद्रों पर 677 गेट पास जारी किए। इनमें फतेहाबाद में 150 गेट पास थे।
किसान भाल सिंह निवासी बड़ोपल, गांव धांगड़ के रायसिंह और गांव दौलतपुर के जय कुमार ने बताया कि यदि खरीद व्यवस्था जल्द शुरू नहीं हुई तो मंडियों में धान की ढेरियां बढ़ने के साथ उन्हें फसल बेचने के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है।
मांगों पर अड़े हैं राइस मिलर्स
जिले में राइस मिलों के पंजीकरण की प्रक्रिया भी अधूरी रहने से धान की खरीद और मिलिंग व्यवस्था सुधार करने की मांग कर रहे हैं। राइस मिलर्स एसोसिएशन के पूर्व प्रधान अंकुश ने बताया कि मिलर्स की समस्याएं हैं। सरकार से मिलिंग चार्ज को 10 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 100 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की है। इसके साथ ही मिलर्स के चावल की गाड़ियां लगवाने और धान की खरीद के लिए गोदामों में पर्याप्त जगह निर्धारित करने की मांग भी उठाई गई है।
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राइस मिलरों का भुगतान बकाया
राइस मिलर्स के अनुसार, पिछले साल का मिलिंग और ट्रांसपोर्ट का भुगतान भी अभी तक अटका हुआ है। प्रत्येक मिल का करीब 20 लाख रुपये बकाया बताया जा रहा है। जिले में 261 राइस मिल होने के कारण बड़ी राशि का भुगतान बाकी है। पुराने भुगतान का निपटारा न होने से नई धान खरीद सीजन में काम करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। मिलर्स ने धान से चावल की रिकवरी को लेकर भी सरकार मांग की है कि सरकार की ओर से एक क्विंटल धान से 67 किलो चावल की मांग की जाती है, जबकि मौजूदा स्थिति में एक क्विंटल धान से करीब 60 से 62 किलो ही चावल निकल रहा है। ऐसे में मिलर्स पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसके अलावा खाद्य निगम के गोदामों में भी पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है। यदि गोदामों में चावल रखने की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित नहीं की गई तो धान की खरीद शुरू होने के बाद भंडारण की समस्या सामने आ सकती है।
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50 लाख रुपये सिक्योरिटी पर भी आपत्ति
मिलर्स ने मिलिंग पॉलिसी-2026 में सिक्योरिटी राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किए जाने पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि पहले से भुगतान लंबित होने और मिलिंग चार्ज कम होने की स्थिति में सिक्योरिटी राशि में इतनी बड़ी बढ़ोतरी मिलर्स पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालेगी।
:: धान खरीद करने के आदेश जारी हो चुके है। जैसे ही कोई खरीद एजेंसी मंडी में खरीद करने पहुंचेगी खरीद शुरू कर दी जाएगी। मार्केट कमेटी की ओर से गेट पास जारी किया जा रहा है।
अमित रोहिल्ला, सचिव मार्केट कमेटी, फतेहाबाद।
जिले में अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों पर अब तक 17 फीसदी से अधिक नमी वाला धान आ रहा है। एजेंसियों द्वारा नमी अधिक होने के कारण मंगलवार को धान की खरीद नहीं की गई।
कुशलपाल बूरा, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, फतेहाबाद
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