फतेहाबाद। शहर में अब पानी के बिल नगर परिषद की नई वार्डबंदी के अनुसार जारी होंगे। जनस्वास्थ्य विभाग ने पुराने 21 वार्डों के रिकॉर्ड को अपडेट कर नगर परिषद के 27 वार्डों के हिसाब से बिलिंग व्यवस्था तैयार करनी शुरू कर दी है। यह बदलाव करीब पांच साल बाद किया जा रहा है।
जनस्वास्थ्य विभाग मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद विभाग ने नगर परिषद से वार्ड और कॉलोनियों का रिकॉर्ड लिया है। इसी आधार पर पानी के बिलों का रिकॉर्ड अपडेट किया जा रहा है। शहर में विभाग के 19,814 पानी के कनेक्शन हैं।
नगर परिषद ने करीब पांच साल पहले शहर की सीमा बढ़ने के बाद वार्डों की संख्या 21 से बढ़ाकर 27 कर दी थी। नई वार्डबंदी में सात नई कॉलोनियां भी शामिल की गई थीं। इनमें हंस कॉलोनी, स्वामी नगर, आजाद नगर और हरनाम सिंह कॉलोनी शामिल हैं।
नगर परिषद की नई वार्डबंदी लागू होने के बावजूद जनस्वास्थ्य विभाग के आंतरिक रिकॉर्ड में पुराने 21 वार्ड ही दर्ज थे। इससे पानी के बिलों में कई बार वार्ड संबंधी त्रुटियां सामने आती थीं। उपभोक्ताओं को अपने वार्ड नंबर को लेकर भी भ्रम रहता था।
अब विभाग नगर परिषद की नई मैपिंग के अनुसार रिकॉर्ड तैयार कर रहा है। इससे पानी के बिलों में वार्ड और कॉलोनी का विवरण मौजूदा व्यवस्था के अनुरूप दर्ज होगा। संवाद
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वार्डों की संख्या में लंबे समय से विसंगति
फतेहाबाद नगर परिषद ने पांच साल पहले शहर के वार्डों का पुनर्गठन किया था। इसके तहत वार्डों की संख्या 21 से बढ़ाकर 27 कर दी गई थी। यह निर्णय शहर के बढ़ते आकार और जनसंख्या को ध्यान में रखकर लिया गया था लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग ने अपने रिकॉर्ड में यह बदलाव नहीं किया था। विभाग के पास अभी भी पुराने 21 वार्डों का ही विवरण दर्ज था। इसके अलावा अधिकतर कॉलोनियों के वार्ड नंबर भी बदले जा चुके हैं।
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मैनुअल बिल नहीं, जनस्वास्थ्य विभाग मैसेज से भेज रहा सूचना
जनस्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में कुल 19,814 पानी के कनेक्शन दर्ज हैं। इन सभी कनेक्शनों के रिकॉर्ड को अब नए 27 वार्डों के हिसाब से अपडेट किया जाएगा। जनस्वास्थ्य विभाग के पास मैनुअल बिल बांटने के लिए संसाधन भी नहीं है। ऐसे में जनस्वास्थ्य विभाग मैसेज के जरिये ही बिल भरने की सूचना जारी कर रहा है। उपभोक्ताओं पर करीब साढ़े 5 करोड़ रुपये बिल बकाया है।
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पानी के बिलों को लेकर रिकॉर्ड नगर परिषद के रिकॉर्ड के मुताबिक अपडेट किया जा रहा है ताकि किसी तरह का संशय न रहे।
- सतपाल रोज, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग