भट्टूकलां की उप तहसील में धरना स्थगित करने की घोषणा करते कमल बिसला।
भट्टूकलां (फतेहाबाद)। सेम की समस्या को लेकर भट्टू उप तहसील में चल रहा किसानों का धरना रविवार को सरकार के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया। इससे पहले किसानों की महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें सरकार के नुमांइदे के तौर पर एसडीएम राजेश कुमार किसानों के धरने पर पहुंचे और सरकार के साथ किसानों से हुई बातचीत के बारे में जानकारी दी। किसानों ने सरकार से हुए समझौते की हस्ताक्षर युक्त कापी मांगी।
एसडीएम राजेश कुमार ने हस्ताक्षर युक्त कापी देने के लिए किसानों से सात दिन का समय मांगा। इसके बाद किसानों की कमेटी ने कहा कि अगर समय अवधि में सभी बातें लागू नहीं हुई तो किसान दोबारा आंदोलन शुरू कर देंगे। नायब तहसीलदार बलराम जाखड़ ने सरकार के साथ हुए समझौते की प्रति को पढ़ते हुए कहा कि भट्टू खंड के 9 गांवों पीलीमंदोरी, ठूईयां, शेखुपुर दड़ौली, भट्टूकलां, ढ़ाबीकलां, बनमंदोरी, गदली, ढ़ाबीखुर्द तथा रामसरा में सेम की समस्या के समाधान के लिए फरवरी माह के अंत तक अनुमान तैयार कर लिए जाएंगे। वहीं, 9 मार्च तक इस कार्य को पूरा करने के लिए निविदा आमंत्रित कर ली जाएगी। इन 9 गांवों का सेम प्रबंधन का कार्य जुलाई माह तक पूरा कर लिया जाएगा। फतेहाबाद जिले के शेष बचे सेमग्रस्त गांव के लिए बजट का प्रावधान आगामी बजट सत्र में कर दिया जाएगा तथा मार्च 2025 तक कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
धरने का नेतृत्व करने वाले कमल बिसला ने बताया कि शनिवार को चंडीगढ़ में किसानों की कमेटी के साथ मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के नेतृत्व में हुई वार्ता में सेम की समस्या का समाधान करने की बात पर सहमति बनी। अब प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा धरने पर आकर समझौते के बारे में विस्तार से आश्वासन दिया गया है, जिस पर यह धरना स्थगित किया जाता है। उन्होंने बताया कि सेम की समस्या को लेकर करीब 70 दिनों तक धरना चला, जिसमें 19 दिन तक उप तहसील कार्यालय को ताला लगाकर धरना दिया गया। धरने को भारतीय किसान यूनियन युवा प्रदेशाध्यक्ष रवि आजाद व पगड़ी संभाल जटा किसान संघर्ष समिति राज्य प्रधान मनदीप नथवान ने भी किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह किसानों के संघर्ष की जीत है।