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निजीकरण की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरे रोडवेज कर्मचारी

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फतेहाबाद में निजीकरण की नीति के खिलाफ प्रदर्शन करते रोडवेज कर्मचारी। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के आह्वान पर फतेहाबाद डिपो कमेटी द्वारा सरकार की निजीकरण की नीतियों के खिलाफ गेट मीटिंग करके विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन की अध्यक्षता सभी डिपो प्रधान मनोज कुण्डू, शिव कुमार, ईश्वर सहारण व सतेन्द्र सिंह ने संयुक्त रूप से की और संचालन सभी डिपो सचिव संदीप जांडली, जितेन्द्र, श्याम लाल व नरेंद्र सोनी ने किया।
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कर्मचारियों को संबोधित करते हुए रोडवेज नेताओं ने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों की ज्वलंत मांगों को लेकर मांग पत्र नई गठबंधन सरकार को भेजा गया है। तालमेल कमेटी सरकार से मांग करती है कि वार्ता के माध्यम से कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया जाए। इसमें 720 निजी बसों को हायर करने की नीति को रद्द किया जाए। बसों को हायर करने के घोटाले में शामिल राजनैतिक व्यक्तियों, उस समय के महानिदेशक तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव पर उचित विभागीय व कानूनी कार्यवाही की जाए। रोडवेज बेड़े में 14 हजार नई बसें शामिल की जाएं। पुरानी पेंशन नीति बहाल की जाए। सभी कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान दिया जाए। 1992 से 2002 के मध्य लगे चालक-परिचालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का मानते हुए वेतन विसंगति दूर की जाए। कर्मचारियों पर एस्मा के तहत दर्ज मुकदमें वापस हों। परिचालकों का ग्रेड पे बढ़ाकर वेतन विसंगति दूर की जाए। कर्मशाला स्टाफ के अवकाश पुन: बहाल किया जाए तथा सभी चालकों, परिचालकों व चेकिंग स्टाफ को सभी प्रकार के राजपत्रिक अवकाश दिए जाए। चालकों की पदोन्नति उपनिरीक्षक के पद पर की जाए। जोखिम भत्ता सभी कर्मचारियों को समान रूप से दिया जाए। बोनस की स्थायी नीति बनाकर बकाया बोनस का भुगतान तुरंत किया जाए। इसके अलावा 8 जनवरी को होने वाली राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन की हड़ताल में तालमेल कमेटी बढ़चढ़ कर भाग लेगी व 8 जनवरी को रोडवेज का पूर्ण रूप से चक्का जाम होगा। यह हड़ताल सार्वजनिक सेवाएं जो जनता से सीधा सरोकार रखती है, उनके निजीकरण के खिलाफ है। केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक सेवाएं जैसे रेलवे, बिजली, भारत पेट्रोलियम, बीएसएनएल, एचटीएमएल आदि को घाटे का नाम लेकर पूंजीपतियों को कौड़ियों के भाव बेचना चाहती है, इन सार्वजनिक सेवाओं को जनता के बेशकीमती कोहिनूर हीरे की संज्ञा दी जाती है। तालमेल कमेटी इसका विरोध करती है और प्रदेश की जनता से हर जगह इनके खिलाफ विरोध दर्ज करवाने की अपील करती है। गेट मीटिंग में तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य सुरेंद्र मलिक, सुभाष बिश्नोई व सूरजभान पाबड़ा, रिछपाल सोनी, राजेश सेलवाल, बजरंग, रामदिया, सूबे सोनी, यादराम, सत्यवान नहला, कृष्ण नहला, साधूराम, निहाल सिंह, अनूप सातरोड, राजेश, सुनील, भूप पाबड़ा सहित अनेक रोडवेज कर्मचारी मौजूद रहे।
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