भूना स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय।
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भूना। राजकीय महाविद्यालयों में दाखिला प्रक्रिया सोमवार से शुरू होगी। उच्चतर शिक्षा विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे। आवेदन प्रक्रिया 8 अगस्त तक चलेगी। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भूना में नॉन मेडिकल, कॉमर्स एवं आर्ट्स संकाय की कक्षाओं में दाखिले होंगे। ग्रामीण क्षेत्र में कुछ वर्ष पहले बना यह महाविद्यालय 40 से अधिक गांवों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का अच्छा विकल्प साबित हो रहा है। दाखिला प्रक्रिया को लेकर महाविद्यालय प्रबंधन की ओर से अध्यापकों की अलग-अलग ड्यूटी लगाई गई है।
राजकीय महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र ज्याणी के अनुसार आर्ट्स संकाय की सबसे अधिक 320 सीटें हैं। कॉमर्स की 80 व नॉन मेडिकल की 80 सीटें हैं। वहीं, मास्टर ऑफ कॉमर्स की 60 व मास्टर ऑफ आर्ट्स में अंगेजी एवं हिंदी की 120 सीटें हैं। विद्यार्थियों की बढ़ती हुई डिमांड को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन एवं सरकार को पत्र लिखकर पंजाबी व संस्कृत विषय की सीटें निर्धारित करके कक्षाएं शुरू करने के लिए भी मांग की हुई है। हालांकि, मास्टर ऑफ आर्ट्स और मास्टर ऑफ कॉमर्स विषय के कुल 660 विद्यार्थियों के लिए इंग्लिश विषय के प्राध्यापकों की कमी खल रही है। कॉलेज में एक इंग्लिश प्राध्यापक पर ही सैकड़ों विद्यार्थी निर्भर हैं। वहीं, प्रिंसिपल की भी पोस्ट कई महीनों से रिक्त है। दाखिले के लिए विद्यार्थी वेबसाइट https://admissions.highereduhry.ac.in पर आवेदन कर सकते हैं
महाविद्यालय में दाखिला कट ऑफ लिस्ट 90 प्रतिशत से ऊपर लगने का रिकॉर्ड
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भूना में पिछले कई वर्षों से कट ऑफ लिस्ट का रिकॉर्ड 90 प्रतिशत से ऊपर रहा है। दाखिला लेने वाली मेरिट सूची में 80 फीसदी छात्राएं होती हैं। महाविद्यालय में दाखिला लेने के लिए विद्यार्थियों द्वारा पोर्टल पर किए गए पंजीकरण के बाद मेरिट सूची बनकर सार्वजनिक होती है। इसमें आसपास के क्षेत्र के अधिकतर विद्यार्थियों का दाखिला भूना कॉलेज में हो जाता है। अगर कोई दिक्कत रहे तो दूसरी व तीसरी मेरिट सूची में विद्यार्थी दाखिला पा लेते हैं। महाविद्यालय के आंकड़े बताते हैं कि पिछले पांच वर्षों से लड़कियों के मेरिट के आधार पर ज्यादा दाखिले हुए हैं।
कोट
महाविद्यालय में सत्र 2022-23 की ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया सोमवार से शुरू होगी। दाखिले से संबंधित संपूर्ण तैयारियां कर ली हैं। टीचिंग स्टाफ की कमी दूर करने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन व सरकार को पत्र लिखा जा चुका है। हमें उम्मीद है कि सत्र शुरू होने पर टीचिंग स्टाफ की कमी दूर हो जाएगी।
-डॉ. सुरेंद्र ज्याणी, कार्यवाहक प्राचार्य, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भूना