फतेहाबाद/भूना। भूना क्षेत्र में तेज बारिश के बाद पांच गांवों में तालाब ओवरफ्लो होने के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। पांच गांवों में करीब 300 घरों में पानी घुस गया, जबकि सार्वजनिक स्थल भी लबालब हो गए। गांव बैजलपुर के खेल स्टेडियम में चार फुट तक पानी भर चुका है।
विकट परिस्थितियों के बीच पंचायत विभाग ने हाथ खड़े कर दिए और पीडब्ल्यूडी की मेकेनिकल विंग से मदद मांगी है। शनिवार सुबह ग्रामीण हालात बताने डीसी महावीर कौशिक के दरबार में पहुंचे और उनसे मदद की गुहार लगाई। इस पर दोपहर बाद डीसी प्रशासनिक अमले के साथ इन गांवों में निरीक्षण करने पहुंचे और अधिकारियों को तत्काल पानी निकासी के इंतजाम करने के आदेश दिए।
गौरतलब है कि शुक्रवार को 60 एमएम बारिश के बाद भूना क्षेत्र के गांव बैजलपुर, नहला, दहमान, गोरखपुर व चौबारा में तालाब ओवरफ्लो हो गए। इसके बाद से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
बैजलपुर से दो परिवार तो कर गए पलायन
घरों में गंदा पानी घुसने के कारण बदतर स्थिति से तंग आकर गांव बैजलपुर में दो परिवार पलायन कर गए। वे घर छोड़कर दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं। अन्य परिवारों के सामने भी पलायन की परिस्थितियां खड़ी हो गई हैं। करीब 50 घरों में गंदा पानी घुस चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर ऐसे ही हालात रहे तो मजबूरन उन्हें भी पलायन करना पड़ेगा क्योंकि जब भी तेज बारिश आएगी, ऐसी ही समस्या से जूझना पड़ेगा।
गांवों में गंदे पानी की निकासी के लिए सिर्फ तालाब ही विकल्प
बैजलपुर के ग्रामीण राजेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, बलजीत, हवा सिंह, रामकुमार आदि ने बताया कि गांव में गंदे पानी की निकासी के लिए सिर्फ तालाब ही विकल्प हैं। मगर गांव में लंबे समय से सफाई व्यवस्था चरमरा हुई है। बारिश व घरों का पानी निकलने के लिए बनाई गई नालियां बंद हो चुकी हैं। गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता है। अब बारिश के बाद तालाब ओवरफ्लो होने से इसके आसपास बसे ग्रामीणों को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। प्रशासन को गंदे पानी की निकासी की बेहतर व्यवस्था करवाकर नियमित रूप से नालियों की सफाई करवानी चाहिए।
तालाब की जमीन अवैध कब्जे, सात एकड़ का तालाब दो एकड़ में सिमटा
गांवों में तालाब की जमीन पर बड़े स्तर पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। गोरखपुर में तालाब मिट्टी से भर दिए गए। इसलिए पानी निचले हिस्सों में जाने के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। दहमान में सात एकड़ का तालाब मात्र दो एकड़ में बचा हुआ है। बाकी हिस्से पर कब्जा हो चुका है। बैजलपुर व नहला में भी यही हालात हैं। उपरोक्त गांव में गलियों में दो से तीन फुट तक जलभराव है।
बीडीपीओ ने डीसी को पत्र लिखकर मेकेनिकल विंग की मदद दिलाने की मांग की
ग्रामीणों की शिकायत पर बीडीपीओ विनय प्रताप सिंह ने डीसी को पत्र लिखकर गांव में बाढ़ जैसे हालात से निपटने के लिए पीडब्ल्यूडी की मेकेनिकल विंग को भेजकर पानी निकालने की व्यवस्था के लिए मांग रखी है। एसईपीओ नरेंद्र कुंडू ने बताया कि कुछ गांवों में बारिश के बाद जलभराव के कारण स्थिति गंभीर हो गई है। गंदा पानी लोगों के घरों में घुस रहा है और हालात बदतर हैं। इसलिए पीडब्ल्यूडी मेकेनिकल विंग की सहायता से पानी निकाला जाएगा।
डीसी ने इन गांवों का किया दौरा
बारिश के बाद गांव की गलियों व फसलों में हुए जलभराव को देखने के लिए उपायुक्त महावीर कौशिक पूरे प्रशासनिक अमले के साथ शनिवार दोपहर बाद कई गांवों में पहुंचे। उन्होंने गांव बैजलपुर, दहमान, नहला, गोरखपुर, चौबारा में निरीक्षण किया। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था करने के आदेश दिए।
डीसी ने पानी निकासी के यह प्रबंध करने के दिए आदेश
- खेतों में फसलों को बचाने के लिए वाटर पंप लिफ्टिंग के माध्यम से जल निकासी की जाए।
- बैजलपुर के खेल स्टेडियम में जलभराव रोकने के लिए स्कूल में वाटर रिचार्ज बोर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
- गांव दहमान, नहला व गोरखपुर की गलियों में जलभराव को खत्म करने के लिए पंचायत विभाग, पीडब्ल्यूडी तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों को व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।
- गांव चौबारा व मोचीवाली में बारिश से हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।
वर्जन
जलभराव संबंधी समस्या ग्रामीणों ने बताई थी। इसके बाद कई गांवों में मौके पर जाकर निरीक्षण किया है। संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था करने के आदेश दे दिए गए हैं।
-महावीर कौशिक, उपायुक्त, फतेहाबाद।