भूना। भारतीय सेना में नौकरी दिलवाने के नाम पर छह बेरोजगार युवकों से 30.65 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के 9 आरोपियों में से एक को भी पुलिस दो वर्ष बीतने के बावजूद गिरफ्तार नहीं कर पाई है। आरोपी गुरुमंगत सिंह ने फतेहाबाद की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगाई है, जिस पर बुधवार को सुनवाई होगी।
पीड़ित पक्ष का दावा है कि आरोपी गुरुमंगत सिंह के खिलाफ हरियाणा और पंजाब में बेरोजगार युवकों को नौकरी देने के नाम पर इससे पहले भी पांच धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि, पीड़ित युवकों द्वारा हरियाणा के गृहमंत्री को शिकायत देने के बाद भूना पुलिस ने मामले में शामिल तीन महिलाओं सहित 9 लोगों के खिलाफ 3 अगस्त 2022 को धोखाधड़ी व फर्जी कागजात तैयार करने आदि विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
गौरतलब है कि गांव धौलू निवासी विकास ने बताया था कि उसके पड़ोसी कृष्ण ने उसे झांसे में लेकर बताया कि आर्मी में पैसे देकर नौकरी लगने वाले लोग उसके संपर्क में है। उन्होंने कई बेरोजगारों को नौकरियां दी है। कृष्ण कुमार की बातों में आकर विकास धौलू, विष्णु धौलू, प्रदीप कुमार गोरखपुर, दिनेश कुमार हिसार, संजय कुमार धौलू ने 30 लाख 65 हजार की राशि दो बार में दी थी। इसके बाद गिरोह में शामिल गुरुमंगत सिंह जल्लोपुर व उसकी पत्नी सतिंद्र कौर, भाई प्रदीप उर्फ बबू, रमेश कुमार जल्लोपुर, दिल्ली निवासी मीनाक्षी, रितु, रोहित व संदीप आदि ने इन युवकों को भारतीय सेना का फर्जी ज्वाइनिंग लेटर व मेडिकल लेटर दे दिए। जब बेरोजगार युवा नौकरी पर गए तो पूरे मामले के फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ। गिरोह में शामिल लोगों से वापस पैसे लेने के लिए पंचायती तौर पर काफी प्रयास किए गए, जिन्होंने तीन चेक देकर मामले को रफा-दफा करने के लिए लिए समझौता किया। परंतु बैंक में आरोपियों के अकाउंट में राशि नहीं होने के कारण वह बाउंस हो गए। इस संबंध में भूना थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि उन्होंने हाल ही में भूना एसएचओ का कार्यभार संभाला है। पूरे मामले की जांच करके आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करेंगे। न्यायालय में बुधवार को आरोपी द्वारा लगाई गई अग्रिम जमानत याचिका को पुलिस खारिज करवाने के लिए अदालत में अपना पक्ष रखेगी।