टोहाना। शहर में सुविधा के नाम पर अवैध वसूली पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एसडीएम आकाश शर्मा ने अपने कार्यालय में आम जनता की सुविधा के लिए एक निःशुल्क हेल्प डेस्क शुरू की है। इसका उद्देश्य सीएससी केंद्रों पर मिलने वाली सुविधा के नाम पर अनुचित फीस की शिकायतों का समाधान करना है।
एसडीएम शर्मा ने बताया कि उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बाहरी टाइपिस्ट और आधार ऑपरेटर छोटी-छोटी प्रार्थना पत्र के लिए भी मनमाने पैसे वसूल रहे थे। इस समस्या को रोकने के लिए कार्यालय में प्रवेश करते ही बाईं ओर सीढ़ियों के पास यह हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। यहां एक ऑपरेटर और एक ग्रुप-डी मल्टी टास्किंग स्टाफ तैनात रहेगा।
ये मिलेगी सुविधा
इस हेल्प डेस्क पर कई सुविधाएं बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध होंगी। कोई भी व्यक्ति यहां आकर ऑनलाइन एप्लीकेशन लगा सकता है, शिकायत टाइप करवा सकता है या कोई प्रार्थना पत्र लिखवा सकता है। इन सेवाओं के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। सीएससी पर होने वाले अधिकांश कार्य भी अब इस हेल्प डेस्क पर निःशुल्क किए जा सकेंगे। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक रसीद बुक भी शुरू की गई है। जो भी व्यक्ति अपने दस्तावेज जमा करेगा, उसे रसीद दी जाएगी ताकि भविष्य में कागज खो गया जैसी बहानेबाजी से बचा जा सके।
आमजन को मिलेगी राहत
एसडीएम आकाश शर्मा के इस फैसले से आधार कार्ड बनवाने, शिकायतें लिखने, ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्री, इंतकाल और लाइसेंस नवीनीकरण जैसे सरकारी कार्यों में होने वाली अवैध वसूली पर प्रभावी ढंग से रोक लगेगी, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि हेल्प डेस्क का उद्देश्य केवल आवेदन एवं शिकायतें प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि उनकी प्रगति पर नजर रखते हुए नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराना भी है। यह पहल आमजन और प्रशासन के बीच संवाद को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाएगी।
:: टाइपिस्टों को भी लगानी होगी शुल्क सूची
एसडीएम ने कहा कि लघु सचिवालय परिसर में कार्यरत कोई भी टाइपिस्ट सेवाओं के लिए निर्धारित सरकारी शुल्क से अधिक राशि नहीं वसूल सकता। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लघु सचिवालय में विभिन्न सेवाओं की निर्धारित सरकारी फीस की सूची प्रमुख स्थानों पर चस्पा की जाएगी। उन्होंने सभी टाइपिस्टों को भी अपने कार्यालयों में यह शुल्क सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं।