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Fatehabad News: परिवार पहचान पत्र में त्रुटियां दूर कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे लोग

Sat, 21 Feb 2026 10:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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शहर के क्रीड विभाग के कार्यालय में परिवार पहचान पत्र से संबं​​धित जानकारी लेने पहुंचे नागरिक। स
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फतेहाबाद। प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के लिए शुरू किया गया परिवार पहचान पत्र आम जनता के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। जिले में हजारों नागरिक पीपीपी में दर्ज गलत जानकारी को ठीक करवाने के लिए दफ्तरों और सीएससी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समाधान हो पा रहा है।
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पीपीपी के डेटा में जो छात्र अभी पढ़ाई कर रहे हैं और जिनकी कोई कमाई नहीं है, उनके नाम के आगे 50 हजार रुपये से अधिक की वार्षिक आय दर्ज कर दी गई है। कई ऐसे गरीब परिवारों के डेटा में चार पहिया वाहन का मालिक होने की बात दर्ज है, जिनके पास दोपहिया वाहन तक नहीं है। इन खामियों के कारण गरीब परिवारों के राशन कार्ड और बच्चों की छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रही है। डेटा में आय अधिक दिखने के कारण कई पात्र परिवारों के नाम बीपीएल सूची से काट दिए गए हैं। इसको फिर से लागू करवाने के लिए क्रीड विभाग और समाज कल्याण विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।

बुजुर्गों को नहीं मिल रहा सम्मान भत्ता

जिले के कई बुजुर्ग ऐसे हैं जिनकी आयु 65 वर्ष से अधिक हो चुकी है, लेकिन पीपीपी में उम्र के सत्यापन में देरी या गलत डेटा के कारण उनकी बुढ़ापा पेंशन शुरू नहीं हो पा रही है। समाज कल्याण विभाग के चक्कर काटकर थक चुके बुजुर्गों का कहना है कि सरकार ने दावा किया था कि 60 साल होते ही पेंशन अपने आप शुरू हो जाएगी, लेकिन पेंशन लागू नहीं हो रही है। उम्र का डेटा मिसमैच होने से बुजुर्गों को आर्थिक नुकसान हो रहा और उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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मेरी माता की आयु 62 साल हो गई है, लेकिन बुढ़ापा पेंशन लागू नहीं हो रही है। दफ्तर जाओ तो कहते हैं कि पोर्टल बंद है या पीछे से ठीक होकर आएगी। पिछले दो वर्षों से पेंशन लागू करवाने के लिए विभाग के चक्कर लगा हूं।
-राहुल, निवासी ढाबी कलां।
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बेटा आईटीआई करता है। जो कि एक विद्यार्थी है, लेकिन परिवार पहचान पत्र में उसकी वार्षिक आय 50 रुपये दर्ज कर दी गई है। इससे मेरे परिवार की कुल वार्षिक आय 1.80 से अधिक हो गई है। इस कारण मेरा राशन कार्ड कट गया है।
-शिंद्र, निवासी टोहाना।

मेरी बहन की विधवा पेंशन लागू नहीं हो पा रही है। इसके लिए पिछले तीन माह से विभाग के चक्कर लगा रहा हूं। बहन के दो बच्चे है और आय का कोई साधन नहीं है। पीपीपी को सरल बनाने के बजाय उलझन वाला बना दिया है।
-मलकीत, निवासी हुक्मावाली।

बुढ़ापा पेंशन पिछले तीन महीने से बंद है। जब इसकी जानकारी लेने क्रीड विभाग में पहुंचा तो बताया कि 3 लाख 45 हजार रुपये की फसल बेची है। फसल मैंने बेची है लेकिन यह मेरी आय नहीं है। इस राशि में खेती का खर्च भी शामिल है।
-कश्मीर, निवासी अहलीसदर।

:: परिवार पहचान पत्र में आय संबंधी गलती सुधरवाने के लिए सीएससी से आवेदन करें। प्रदेश सरकार की ओर से ऑनलाइन फसल की राशि खाते में जमा होना भी वार्षिक आय का स्रोत माना गया है।
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-सुरेश कुमार, जिला प्रबंधक नागरिक संसाधन सूचना विभाग, फतेहाबाद।
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