फतेहाबाद। एमएम कॉलेज के कंप्यूटर साइंस विभाग की ओर से शनिवार को आई एंड यूथ : फ्यूचर एंड कॉज ऑफ स्ट्रेस इन यूथ विषय पर विस्तार व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में तकनीक के भविष्य और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव के बारे में चर्चा की गई।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में एनआईटी, दिल्ली के कुलसचिव प्रो. (डॉ.) हितेश शर्मा और सीडीएलयू, सिरसा के डीसीएसई विभाग से प्रो. (डॉ.) विक्रम सिंह उपस्थित रहे। प्राचार्य डॉ. गुरचरण दास की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का संचालन कंप्यूटर साइंस विभाग से डॉ. विकेश सेठी ने किया। उन्होंने कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का स्वागत किया। मंच संचालन बीसीए प्रथम वर्ष की छात्राओं प्रीति व मन्नत कौर ने किया।
व्याख्यान के दौरान दोनों विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दोतरफा पहलुओं पर प्रकाश डाला। डॉ. हितेश शर्मा ने एआई के भविष्य पर जोर देते हुए कहा कि यह कोई आने वाला कल नहीं, बल्कि हमारा वर्तमान है। युवाओं को इसे एक खतरे के रूप में नहीं, बल्कि एक सहयोगी टूल के रूप में देखना चाहिए।
जो छात्र समय रहते एआई के साथ तालमेल बिठा लेंगे, वे भविष्य के जॉब मार्केट में सबसे आगे रहेंगे, लेकिन याद रहे, मशीन कभी भी मानवीय संवेदना और विवेक का विकल्प नहीं हो सकती। डॉ. विक्रम सिंह ने एआई से होने वाले तनाव पर चर्चा करते हुए कहा कि आज के युवाओं में एआई और ऑटोमेशन के कारण कॅरिअर के बारे में जो अनिश्चितता और तनाव बढ़ रहा है, उसका मुख्य कारण जानकारी का अभाव है।
तकनीकी निर्भरता जब हमारी सोचने की क्षमता को कम करने लगती है, तो वह मानसिक तनाव का कारण बनती है। हमें तकनीक का उपयोग करना सीखना है, उसका गुलाम नहीं बनना है। प्राचार्य डॉ. गुरचरण दास ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के सत्रों का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीक से परिचित कराना और उनके मन में तकनीक के प्रति व्याप्त असुरक्षा की भावना को दूर करना है।
कार्यक्रम के अंत में एक प्रश्नोत्तर सत्र भी रखा गया, जिसमें छात्रों ने एआई के दौर में कॅरिअर की संभावनाओं पर विशेषज्ञों से सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने उनकी प्रश्नों का संतुष्टि वाला जवाब दिया। इस अवसर पर मंजू रानी, नीतू गोयल, नैंसी, नीतिश, सुशील दहिया, नितिन सचदेवा, मंजू कड़वासरा, श्रुति, मुकुल और अनेक विद्यार्थी मौजूद रहे।
एमएम कॉलेज में ‘एआई और युवा’’ विषय पर विस्तार व्याख्यान को संबोधित करते मुख्य वक्ता । कालेज प्