फतेहाबाद। जिले में इस बार धान की सरकारी खरीद देरी से शुरू होने के कारण अनाज मंडियां धान की फसल से अट चुकी है। जिसके कारण किसानों को अपनी फसलों को मंडी में रखने में परेशानी हो रही है।
इस बार राइस मिलरों ने धान की खरीद शुक्रवार से शुरू की है। जिसके चलते में मंडी केवल धान की आवक हो रही थी। लेकिन राइस मिलरों ने खरीद शुरू करने के साथ-साथ उठान शुरू कर दिया है। जिससे किसानों और आढ़तियों को राहत मिल सकी है। जिले की सभी अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों पर अभी तक कुल धान की खरीद 35,703 मीट्रिक टन हुई है। जिसमें से खाद्य आपूर्ति विभाग के द्वारा 7,640 मीट्रिक टन, हैफेड 11819 मीट्रिक टन और वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के द्वारा 16,244 मीट्रिक टन परमल धान की खरीद की गई है। वहीं जिले की अनाज मंडियों से अभी तक कुल धान का उठान 5,500 मीट्रिक टन हो सका है।
बता दें कि जिले की अनाज मंडियों में कुल 33,129 मीट्रिक टन धान का उठान बाकी है। रविवार को अनाज मंडियों में खरीद का काम बंद और उठान कार्य जारी रहा है। जिससे रविवार को 3000 मीट्रिक टन के करीब धान की फसल का उठान हुआ है। वहीं अभी तक जिले में कुल 5500 मीट्रिक टन धान की उठान हुई है।
धान की फसल के धीमे उठान को लेकर अनाज मंडी के प्रधान जगदीश भादू ने बताया कि धान की खरीद में देरी होने कारण धान की फसल से मंडी अटी हुई है। ऐसे में प्रतिदिन 20 हजार बैगो का उठान होना चाहिए। लेकिन खरीद एजेंसियों द्वारा प्रतिदिन 3000 बैगाें का उठान किया जा रहा है। खरीद एजेंसियों को उठान के लिए मजदूरों और गाड़ियों की संख्या में बढ़ोतरी करनी चाहिए। ताकी किसानों को मंडी में फसल रखने में परेशानी ना हो।
खरीद के साथ-साथ धान की फसल का उठान किया जा रहा है ताकि किसानों को मंडी में धान की फसल रखने में परेशानी न हो। वहीं उठान में तेजी लाने के लिए गाड़ियों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
-विनीत जैन, खाद्य आपूर्ति एवं नियंत्रक विभाग, फतेहाबाद।