फतेहाबाद। पटवारियों के धरने के कारण आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तीन दिनों से द रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के बैनर तले पटवारी कर्मचारियों द्वारा सांकेतिक धरना दिया जा रहा है, जिसका असर अब आम जनता पर साफ दिखाई दे रहा है। धरने का कारण प्रदेश सरकार द्वारा पटवारियों को निलंबित किए जाने के विरोध में किया गया है, जो सरकार के द्वारा खरीफ फसल के खराबे के वेरिफिकेशन कार्य में कथित अनियमितताओं के आरोप में निलंबित किए गए थे।
एसोसिएशन के प्रधान सुरेश कुमार का कहना है कि सरकार ने जिन पटवारियों को निलंबित किया है, उनका आरोप है कि उन्होंने एक ही फोटो को विभिन्न खसरा नंबर पर अपलोड किया था, हालांकि इसका प्रत्यक्ष कारण यह बताया गया कि यह प्रक्रिया राज्य के सभी पटवारियों और अधिकारियों द्वारा की गई थी। इन पटवारियों का कहना है कि प्रत्येक खसरा नंबर पर जाकर खराबे की फोटो लेना और उसे अपडेट करना संभव नहीं था। पटवारियों की मांग है कि जब तक इन निलंबित कर्मचारियों का निलंबन रद्द नहीं होता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। धरने में एसोसिएशन के सचिव कृष्ण कालड़ा, पटवारी अमर सिंह, ईश्वर, मदन और कानूनगो बलबीर सिंह आदि भी शामिल हैं।
धरने से आमजन को हो रही परेशानी
पटवारियों के धरने से सरकारी कामकाज पूरी तरह से प्रभावित हो गया है, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ा है। जमीन की खरीद-फरोख्त, इंतकाल और अन्य आवश्यक प्रमाणपत्रों के काम पूरी तरह से ठप हो गए हैं। पिछले पांच दिनों से छात्रों और युवाओं को डोमिसाइल, जाति प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र जैसी बुनियादी सेवाएं प्राप्त नहीं हो पा रही हैं।
आमजन की बढ़ी परेशानी
रिहायशी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पिछले कई दिनों से पटवार भवन के चक्कर काट रहा हूं। शुक्रवार को दोपहर में आया था, लेकिन पटवारी के कार्यालय पर ताला लगा हुआ था। पटवारी को फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन भी नहीं उठाया। - नितिन चौधरी निवासी फतेहाबाद।
आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सीएससी केंद्र पर गया था, लेकिन वहां पर फाइल तैयार कर दी गई, और पटवारी के हस्ताक्षर के लिए कहा गया। लेकिन पटवारी कार्यालय में नहीं मिले। - सोनू कुमार, निवासी कुलां।