फतेहाबाद। मेरी फसल मेरा ब्योरा में जमीन और फसल से जुड़े रिकॉर्ड के सत्यापन का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। दूसरी ओर जिले की सात तहसीलों में 5,794 भूमि म्यूटेशन (इंतकाल) लंबित हैं। दोनों प्रक्रियाएं जमीन के रिकॉर्ड से जुड़ी हैं।
राजस्व विभाग के पोर्टल दर्ज डाटा में इंतकाल के सबसे अधिक 2,163 मामले फतेहाबाद तहसील में लंबित हैं। रतिया में 1,443, भूना में 937, टोहाना में 488, भट्टू कलां में 445, कुलां में 203 और जाखल में 115 म्यूटेशन लंबित हैं। इंतकाल का काम पटवारियों सहित राजस्व के अधिकारी करते है।
वहीं पंजीकरण के सत्यापन का कार्य भी इन कर्मचारियों और अधिकारियों की ओर से किया जा रहा है। जिस कारण एक समय पर दो काम होने के कारण अब लंबित इंतकाल की संख्या बढ़ रही है। इंतकाल लंबित होने के कारण आमजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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करीब 20 प्रतिशत सत्यापन का काम अभी भी अधूरा
जिले में 1,17,613.51 एकड़ क्षेत्र का फसल सत्यापन किया जाना है। इसमें 95,288.59 एकड़ का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि 22,324.92 एकड़ क्षेत्र लंबित है। करीब 80 प्रतिशत क्षेत्र सत्यापित हुआ है। कुलां में 100 प्रतिशत, टोहाना में 95.25, भूना में 89.18, जाखल में 88.33 और फतेहाबाद में 84.15 प्रतिशत सत्यापन पूरा हुआ है। रतिया में 80.21 और भट्टू कलां में 65.24 प्रतिशत सत्यापन हुआ है। भट्टू कलां में 10,257.651 एकड़, फतेहाबाद में 5,999.803 और रतिया में 3,538.005 एकड़ क्षेत्र का सत्यापन बाकी है। जिले में करीब 20 प्रतिशत किसानों के पंजीकरण का सत्यापन भी लंबित है।
इंतकाल दर्ज नहीं होने के कारण आमजन परेशान
इंतकाल दर्ज न होने के कारण शहरवासी विकास कुमार, मुकेश कुमार, राजेश कुमार आदि ने बताया कि वे कई दिनों से चक्कर काट रहे है लेकिन उनका इंतकाल दर्ज नहीं हो रहा है। इंतकाल दर्ज न होने के कारण भू-मालिकों को काफी परेशानी होती है।