फतेहाबाद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमंत यादव की अदालत ने रिश्वत लेने के आरोपी पटवारी लाल बहादुर निवासी मॉडल टाउन हिसार को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी करार दिए गए पटवारी लाल बहादुर को चार साल की कैद व 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
इस मामले में हिसार विजिलेंस ने अनिल कुमार निवासी भूना की शिकायत पर पटवारी लाल बहादुर के खिलाफ 7 पीसी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। विजिलेंस को दी शिकायत में अनिल कुमार निवासी वार्ड नंबर एक भूना ने बताया था कि एक मकान मेरे पिता कृष्ण कुमार के नाम पर है। मैंने उसे मकान पर एचडीएफसी बैंक हिसार से 40 लाख रुपये का ऋण लेना था।
जिसके लिए मैंने उप तहसील भूना से बैंक के नाम डीड करवा ली। इसके बाद उस डीड को फर्द में दर्ज करवाने के लिए पटवार भवन पुरानी तहसील भूना में पटवारी लाल बहादुर से मिला।
लाल बहादुर पटवारी ने मेरा मोबाइल नंबर ले लिया व बोला जब आपका काम हो जाएगा आपको बुला लूंगा। 3 दिसंबर 2021 को पटवारी लाल बहादुर ने मेरे मोबाइल पर कॉल करके मुझे पटवार भवन बुलाया। जब मैं पटवारी लाल बहादुर से मिला तो पटवारी ने उक्त डीड को फर्द में दर्ज करने के लिए मुझसे 2,000 रुपये की मांग की। जिसको मैंने अपने मोबाइल के रिकॉर्डर में रिकॉर्ड कर लिया। मैंने उसे 2,000 न होने की बात कही तो पटवारी ने कहा कि 2,000 नहीं दोगे तो काम नहीं करूंगा।
इसके बाद मैंने उसे 1,000 रुपये दे दिए। पटवारी ने कहा बकाया राशि 1,000 दे जाना और अपनी फर्द की कॉपी ले जाना। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने टीम गठित कर ड्यूटी मजिस्ट्रेट को साथ लेकर अनिल को दो 500-500 के नोटों पर पाउडर लगाकर पटवारी को देने को कहा। इसके बाद अनिल ने पटवारी लालचंद द्वारा मांगे गए एक हजार रुपए उसे दे दिए।
इसके बाद अनिल ने विजिलेंस को इशारा कर दिया इशारा मिलते ही विजिलेंस टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ पटवारी लालचंद को एक हजार रुपए की रिश्वत के रुपये सहित पकड़ लिया।