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Fatehabad News: बढ़ने लगे मरीज, घट गए दवा बांटने वाले

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नागरिक अस्पताल में डिस्पेंसरी के बाहर लगी मरीजों की भीड़
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फतेहाबाद। जिला नागरिक अस्पताल की डिस्पेंसरी दवाइयों की कमी झेल ही रही थी अब मंगलवार को एक और झटका लगा है। यहां प्रशिक्षण पर आए करीब 20 विद्यार्थी लौट गए हैं। मंगलवार को दवाई देने के लिए एक ही फार्मेसी ऑफिसर होने के चलते मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी, यहां तक धक्का-मुक्की तक की स्थिति रही। जिले में 56 में से 23 ही फार्मेसी ऑफिसर ही कार्यरत हैं। यह हाल तब है जब ठंड के कारण मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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मंगलवार को नागरिक अस्पताल में सिर्फ एक फार्मेसी ऑफिसर डिस्पेंसरी में मरीजों को दवाई बांटती रहीं। मरीज करीब एक से डेढ़ घंटा तक लाइन में लगे रहे। लेकिन किसी मरीज को चार में से एक तो किसी को कोई भी दवाई नहीं मिली और खाली हाथ लौटना पड़ा। वहीं नागरिक अस्पताल में दवाइयों की कमी चल रही है। कई जरूरत की दवाइयां नहीं हैं। नागरिक अस्पताल में फार्मेसी ऑफिसर की कमी पर डिस्पेंसरी को प्रशिक्षण पर आए विद्यार्थी संभाल रहे थे। यहां तक डिस्पेंसरी में दवाई की डाटा एंट्री के लिए भी कर्मचारी नहीं था। इसके चलते मरीजों को दवाई लेने के लिए एक से डेढ़ घंटे का इंतजार करना पड़ा। इसके चलते फार्मेसी ऑफिसर ज्योति ने पहले पोर्टल पर एंट्री की और इसके बाद मरीज को दवाई दी।

बता दें कि कॉलेज में कोर्स कर रहे विद्यार्थियों को प्रशिक्षण पर नागरिक अस्पताल में भेजा जाता है। स्वास्थ्य विभाग खाली पदों पर विद्यार्थियों की ड्यूटी लगाता है। शेड्यूल के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग इनकी डिस्पेंसरी, इमरजेंसी, वार्ड, स्टोर और ईसीजी में ड्यूटी लगाता है। इसी के चलते डिस्पेंसरी में भी विद्यार्थियों को प्रशिक्षण पर लगा रखा था। 90 दिन की प्रशिक्षण के बाद ये विद्यार्थी वापस चले गए हैं। वहीं नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में रोजाना 750 से 800 मरीजों की ओपीडी होती है। नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में फार्मेसी ऑफिसर के 10 पद हैं और यहां पर 4 कार्यरत हंै।
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ये है जिले के सरकारी अस्पतालों में फार्मेसी ऑफिसर की स्थिति
अस्पताल पद कार्यरत
फतेहाबाद 10 4
टोहाना 9 7
रतिया 3 1
जाखल 2 1
भूथन 2 1
बड़ोपल 2 2
भूना 2 0

18 पीएचसी में सिर्फ 4 फार्मेसी ऑफिसर
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी फार्मेसी ऑफिसर के पद है। लेकिन 18 पीएचसी में से सिर्फ 4 पीएचसी पर ही फार्मेसी ऑफिसर हैं। इसके चलते पीएचसी में डिस्पेंसरी रामभरोसे चल रही है।

फार्मेसी ऑफिसर पर सबसे ज्यादा काम का बोझ
कोट
जिले में फार्मेसी ऑफिसर के आधे पद खाली हैं। सरकार को इसको लेकर कई बार ज्ञापन दिया जा चुका है। लेकिन स्थिति वैसे के वैसे ही है। सरकारी अस्पतालों में सबसे ज्यादा काम का बोझ फार्मेसी ऑफिसर पर है।
-कृष्ण बिश्नोई, जिला प्रधान, फार्मेसी ऑफिसर एसोसिएशन फतेहाबाद।
कोट
डिस्पेंसरी में ट्रेनिंग पर छात्र लगे हुए थे जो कि फार्मेसी ऑफिसर की निगरानी में काम कर रहे थे। ये छात्र चले गए है। हाल ही में एनएचएम की आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत फार्मेसी ऑफिसर की नियुक्ति हुई है। जल्द ही यहां डयूटी लगवाई जाएगी।
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- डॉ. सुभाष चंद्र, कार्यकारी एसएमओ, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।
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