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Fatehabad News: सरकारी से रिश्तेदारों के अस्पताल में रेफर होते हैं मरीज

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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में ओपीडी के बाहर मरीजों की लगी लाइन
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फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में रेफर कर खेल चल रहा है। सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को खुद के ही निजी अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। इसका खुलासा महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाओं की तरफ से सिविल सर्जन को जारी किए गए पत्र में हुआ है। नागरिक अस्पताल में तैनात चार डॉक्टरों के नाम सूची में दिए गए हैं, जिनके पति या भाई निजी अस्पताल चला रहे हैं या फिर कार्यरत हैं। वहीं, नागरिक अस्पताल की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. नीति के खिलाफ शिकायत है कि वह अपने पति के निजी अस्पताल में मरीज को अप्रत्यक्ष रूप से रेफर करती हैं।
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महानिदेशक (स्वास्थ्य) की तरफ से ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ जांच करके जांच रिपोर्ट दो दिन के अंदर भेजने के निर्देश दिए हैं। यहां ये भी स्पष्ट कर दें कि जिन तीन अन्य डॉक्टरों के नाम हैं, उनके खिलाफ रेफर को लेकर शिकायत नहीं है सिर्फ सूची में ये नाम दिया गया है कि इनके पति या फिर भाई निजी अस्पताल चला रहे हैं। इसको लेकर नागरिक अस्पताल के कार्यकारी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुभाष का कहना है कि पत्र जरूर जारी हुआ है, लेकिन सिविल सर्जन कार्यालय की तरफ से अभी तक कार्रवाई को लेकर निर्देश नहीं आए हैं।,जो कार्रवाई की प्रक्रिया होगी वह उच्च अधिकारियों के निर्देश पर होगी। संवाद

एमआरआई सुविधा न होने का भी जिक्र

जारी हुए पत्र में प्रदेश के 25 अस्पतालों में अनियमितताएं मिलने का भी जिक्र है, जिसमें फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में एमआरआई सुविधा न मिलने के बारे में बताया गया है।
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ऐसे डॉक्टर जो प्राइवेट अस्पताल में मरीज कर रहे रेफर

डॉक्टर किस निजी अस्पताल में किया जाता है रेफर
डॉ. नीति, स्त्री रोग विशेषज्ञ यह अपने पति डॉक्टर चेतन वधवा के प्राइवेट अस्पताल में मरीजों को अप्रत्यक्ष तौर पर रेफर करती हैं।

सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों की सूची जिनके पति या पत्नी निजी अस्पताल चला रहे
खराब व्यवहार की सूची में डॉक्टरों का नाम नहीं शामिल

स्वास्थ्य महानिदेशक की तरफ से जो पत्र जारी किया गया है, उसमें मरीजों के प्रति खराब व्यवहार करने वाले प्रदेश के सरकारी अस्पताल में तैनात डॉक्टरों के नाम भी शामिल हैं।
खुफिया विभाग की रिपोर्ट पर कार्रवाई का अंदेशा, महिला रोग विशेषज्ञ ने नहीं उठाया फोन

स्वास्थ्य महानिदेशक की तरफ से जारी हुए पत्र के बाद महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। अंदेशा है कि खुफिया विभाग की रिपोर्ट पर ये कार्रवाई हुई है। हालांकि खुफिया विभाग के अधिकारी किसी तरह की रिपोर्ट भेजे जाने से मना कर रहे हैं। डीजी कार्यालय की तरफ से जारी हुए पत्र को लेकर महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. नीति से फोन पर तीन बार संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
इधर, डिस्पेंसरी में धक्का-मुक्की जारी
नागरिक अस्पताल में फार्मेसी ऑफिसर की कमी होने के चलते मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। डिस्पेंसरी में एक ही फार्मेसी ऑफिसर 900 मरीजों को दवाई दे रही हैं। सिविल सर्जन कार्यालय की तरफ से सप्ताह में तीन दिन के लिए ही डेपुटेशन पर फार्मेसी ऑफिसर लगाया गया है।

कोट
स्वास्थ्य महानिदेशक कार्यालय से पत्र मिला है, जिसमें नागरिक अस्पताल फतेहाबाद की महिला रोग विशेषज्ञ के बारे में लिखा गया है कि वह अप्रत्यक्ष रूप से रेफर करती हैं। इसको लेकर जांच करवाई जाएगी। कर्मचारियों के बयान लिए जाएंगे। जांच के बाद ही कोई कार्रवाई होगी। जांच के लिए एसएमओ को पत्र भेज दिया गया है। इसके अलावा तीन अन्य डॉक्टरों के नाम हैं, लेकिन उनका सिर्फ ये ही जिक्र है कि पति के निजी अस्पताल हैं।
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-डॉ. महेंद्र सिंह, सिविल सर्जन, फतेहाबाद।
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