शिक्षा विभाग की तरफ से शुक्रवार को सरकारी स्कूलों में पीटीएम का आयोजन किया गया। जिले के 623 स्कूलों में अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित हुई। बैठक में 40 फीसदी अभिभावक ही पहुंचे, ऑनलाइन पीटीएम नाममात्र ही हुई। इस दौरान पढ़ाई को लेकर शिक्षकों ने अभिभावकों से फीडबैक लिया।
फीडबैक में अभिभावकों ने कहा कि बच्चे घर पर नहीं पढ़ते, मास्टर जी आप स्कूल खोलिए। बच्चों को कब तक घरों में बिठाए रखेंगे। मिडल से सीनियर सेकेंडरी कक्षाओं के विद्यार्थियों के अभिभावकों ने 50 फीसदी विद्यार्थियों को बुलाने की शर्त हटाने की गुहार लगाई। अभिभावकों ने कहा कि एक-एक दिन छोड़कर विद्यार्थियों को बुलाया जा रहा है, इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई खराब हो रही है।
ऑनलाइन नहीं, स्कूल बुलाकर पढ़ाएं
पीटीएम में पहुंचे अभिभावकों ने कहा कि बच्चों को ऑनलाइन नहीं स्कूल बुलाकर पढ़ाया जाए। एक घर में अगर तीन बच्चे हैं तो सभी को मोबाइल चाहिए। ये ही नहीं शाम तक बच्चे मोबाइल का इंतजार करते रहते हैं। मोबाइल आने के बाद काम करते हैं। एक सितंबर से चौथी और पांचवीं की जगह सभी कक्षाएं शुरू की जाएं।
बच्चों का वैक्सीनेशन भी होना चाहिए
पीटीएम में पहुंचे कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के अभिभावकों ने शिक्षकों को ये तक कहा कि वे सरकार तक सुझाव पहुंचाए कि बच्चों का कोरोना टीकाकरण शुरू करवाएं।
शिक्षकों ने दिखाएं सेट परीक्षा परिणाम
पीटीएम में शिक्षकों ने विद्यार्थियों के सेट परीक्षा परिणाम दिखाएं। शिक्षकों ने बैठक में अभिभावकों को भी पढ़ाने में रुचि लेने का सुझाव दिया। शिक्षकों ने कहा कि वह स्कूल में ही पढ़ा सकते हैं, घर पर काम करवाने की जिम्मेदारी अभिभावकों की है। विद्यार्थियों के लिए समय निकालें।
जिले के सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या
कक्षा छात्र
पहली 9381
दूसरी 10650
तीसरी 10507
चौथी 10792
पांचवीं 11331
छठी 10870
सातवीं 10106
आठवीं 10247
नौवीं 11299
दसवीं 9796
ग्यारहवीं 8365
बारहवीं 7315
पीटीएम में अभिभावक कम दिखा रहे रुचि
स्कूलों में आयोजित हुई बैठक में 35 से 40 फीसदी अभिभावक ही शामिल हुए हैं। अभिभावक कम रुचि दिखा रहे हैं। अभिभावकों ने जो सुझाव दिए हैं उसे निदेशालय में भेज दिया जाएगा।
- दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी