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Fatehabad News: ईयर फोन के ज्यादा प्रयोग से बढ़ रहा दर्द, सुनने की क्षमता पर भी पड़ रहा असर

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फतेहाबाद। मोबाइल के साथ प्रयोग होने वाले ईयर फोन और ईयर बड्स के ज्यादा इस्तेमाल से कान में दर्द बढ़ रहा है और सुनने की क्षमता पर असर पड़ रहा है। इसके अलावा माइग्रेन की भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। नागरिक अस्पताल के ईएनटी विभाग में रोजाना 15 से 20 केस ऐसे आ रहे हैं, जो कान में दर्द होने, बार-बार अलग से आवाज आने, सिर दर्द रहने की शिकायत कर रहे हैं।
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चिकित्सक जब काउंसिलिंग कर रहे हैं तो सामने आ रहा है कि ईयर फोन और ईयर बड्स के ज्यादा इस्तेमाल से ऐसी दिक्कतें हो रही हैं। ऐसे में चिकित्सक उपचार के साथ-साथ इनके कम इस्तेमाल की सलाह दे रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक, अगर लगातार इस्तेमाल करते हैं तो आने वाले कुछ माह में सुनने की क्षमता कम भी हो सकती है।
तेज आवाज कान के पर्दे पर डाल रही असर :
कान-नाक गला रोग विशेषज्ञ डॉ. जयप्रकाश ने बताया कि कान के अंदर एक पर्दा होता है, जिसे ईयर ड्रम कहते हैं। इसमें नसें और अंग होते हैं, जो दिमाग से जुड़े होते हैं। जब ईयर फोन या ईयर बड्स लगाकर हम तेज आवाज में सुनते हैं तो उसका कंपन दबाव के साथ ईयर ड्रम से टकराता है और उसे क्षति पहुंचा देता है।
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ओपीडी में युवाओं की संख्या ज्यादा

ईएनटी विभाग में रोजाना 80 से 100 मरीजों की ओपीडी होती है। इनमें ज्यादातर 20 से 40 साल के लोग उपचार करवाने के लिए आ रहे है। जो कि कान में दर्द रहना, बहरेपन के लक्षण बता रहे हैं।
ये हैं बहरेपन का लक्षण
- किसी की बात ठीक से सुनाई न देना।
- मोबाइल फोन पर बात करने में परेशानी।
- कान में सीटी की आवाज सुनाई देना।
- चक्कर आना, सनसनाहट, नींद नहीं आना, सिर दर्द, कान में दर्द।
- चिड़चिड़ापन, एंग्जायटी और ब्लड प्रेशर बढ़ना।
बहरेपन से ऐसे करें बचाव :
- लंबे समय तक फोन पर बात न करें।
- ईयर फोन का प्रयोग कम से कम करें।
- महीने में एक बार कानों की जांच करवाएं।
- फोन पर काम ज्यादा है तो प्रति घंटे 10 मिनट का ब्रेक लें, ताजी हवा में जाएं।

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कान में लगातार ईयर फोन या फिर ईयर बड्स के इस्तेमाल से युवाओं में दिक्कत बढ़ रही है। रोजाना 15 से 20 युवा ऐसे आ रहे है, जिन्हें इन्हीं कारणों से दिक्कत आ रही है। ऐसे में लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। लगातार प्रयोग न करने और कम आवाज में सुने। कान भी सबसे नाजुक अंग है।
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- डॉ. जयप्रकाश, नाक, ईएनटी विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद।
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