फतेहाबाद। अनाज मंडियों में धान की आवक तेज होने और उठान धीमा रहने से फसल रखने के लिए जगह की कमी होने लगी है। मंडियों में खरीदे गए धान का स्टॉक लगातार बढ़ रहा है। इससे किसानों को अपनी फसल उतारने और रखने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है।
जिले में रोजाना औसतन 1,45,820 क्विंटल धान की आवक हो रही है जबकि उठान 1,10,380 क्विंटल का ही हो रहा है। इस तरह प्रतिदिन आवक और उठान के बीच 35,440 क्विंटल का अंतर बना हुआ है। जिले में अब तक 9,76,540 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है जबकि 7,22,770 क्विंटल धान की खरीद अभी बाकी है।
ऐसे में मंडियों में जगह बनाए रखने के लिए खरीदे गए धान का समय पर उठान करना जरूरी हो गया है। आवक के मुकाबले उठान कम रहने से मंडियों में स्टॉक बढ़ रहा है और नई फसल के लिए जगह जुटाना चुनौती बनता जा रहा है। किसानों ने संबंधित एजेंसियों से उठान में तेजी लाने की मांग की है, ताकि मंडियों में फसल रखने की समस्या न बढ़े।
किसानों को करना पड़ सकता है इंतजार
अनाजमंडी के आढ़ती आजाद कुमार, सुरेश गोयल, गुलाब सिंह और राकेश कुमार ने बताया कि जगह की कमी के धान की बोरियों के ढेर लगाने पड़ रहे हैं। उठान के लिए ट्रक मंडी के अंदर नहीं आ पा रहे हैं। इससे किसानों को धान उतारने और रखने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल रही है। किसानों को धान की फसल रखने के लिए जगह का इंतजार करना पड़ा रहा है। किसानों को राहत देने के लिए जरूरी है कि खरीदे गए धान का उठान तेजी से किया जाए, ताकि मंडियों में जगह खाली हो सके।
उठान बढ़ाने की जरूरत
व्यापार मंडल के प्रधान रमेश तनेजा ने बताया कि धान की खरीद प्रक्रिया एक माह तक ओर जारी रहेगी। ऐसे में आवक, खरीद और उठान के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। उठान की गति बढ़ने से मंडियों में जगह की समस्या कम हो सकती है और किसानों को अपनी फसल बेचने में सुविधा मिलेगी। धान के सीजन में व्यवस्थाएं सुचारू बनाए रखने के लिए मंडियों से खरीदे गए धान का समय पर उठान होना चाहिए।
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:: फसल की खरीद सुचारू रूप से की जाए तथा खरीदे गए धान का उठान समय पर सुनिश्चित किया जाए। किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए, ताकि उन्हें अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कुशलपाल बूरा, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, फतेहाबाद।